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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वोटरों को धमकाकर घिरे अजीत पवार

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Updated: Sat, 19 Apr 2014 12:42 AM (IST)

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार मतदाताओं को धमकाने के मामले में घिरते दिखाई दे रहे हैं। बारामती के आम आदमी पार्टी (आप) प्रत्याशी और पूर्व आइपीए ...और पढ़ें

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मुंबई [जागरण ब्यूरो]। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार मतदाताओं को धमकाने के मामले में घिरते दिखाई दे रहे हैं। बारामती के आम आदमी पार्टी (आप) प्रत्याशी और पूर्व आइपीएस अधिकारी सुरेश खोपड़े ने पवार के विरुद्ध चुनाव आयोग एवं स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। चुनाव आयोग के सूत्रों का कहना है कि वे राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे कार्रवाई की जाएगी।

अजीत पर आरोप है कि उन्होंने महाराष्ट्र के बारामती संसदीय क्षेत्र में अपनी चचेरी बहन एवं केंद्रीय कृषिमंत्री शरद पवार की पुत्री सुप्रिया सुले का प्रचार करते हुए मतदाताओं को धमकाया कि यदि उन्होंने सुप्रिया के पक्ष में मतदान नहीं किया तो उनके यहां की पानी आपूर्ति बंद कर दी जाएगी। अजीत के अनुसार, करोड़ों की लागत से उस गांव तक हो रही जलापूर्ति सिर्फ उनके कारण ही संभव हो सकी है, अन्यथा भगवान ब्रह्मा भी गांववालों को पानी नहीं दे सकते थे। राकांपा नेता ने यह धमकी बारामती में 17 अप्रैल को हुए मतदान से एक दिन पहले वहां के मासलवाड़ी गांव में दी, जबकि चुनाव आचार संहिता के अनुसार 15 अप्रैल की शाम को ही प्रचार बंद हो जाना चाहिए था।

बारामती से आप प्रत्याशी खोपड़े ने बारामती के वडगांव पुलिस थाने में इस घटना की शिकायत दर्ज कराई है। सहायक पुलिस निरीक्षक विलास भोसले के अनुसार, उन्हें खोपड़े की शिकायत तो मिली है, लेकिन अभी प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है। चुनाव आयोग के अधिकारी उस वीडियो की जांच कर रहे हैं, जिसमें अजीत की यह धमकी रिकॉर्ड की गई है। यह अहसास होते ही कि उनकी बात कोई रिकॉर्ड कर रहा है, अजीत अपनी सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को उस व्यक्ति को बाहर निकालने के निर्देश देते भी सुनाई दे रहे हैं।

पानी को लेकर अजीत पवार तीसरी बार मुसीबत में पड़ते दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले महाराष्ट्र में हुए 70 हजार करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले में उन्हें एक बार उपमुख्यमंत्री पद से हाथ धोना पड़ चुका है। इसके अलावा एक बार वह यह कहकर भी विवादों में आ चुके हैं कि यदि राज्य के जलाशयों में पानी नहीं है तो क्या वह लघुशंका करके उनमें पानी भरें? यदि आयोग ने उनके खिलाफ शिकायत पर संज्ञान लिया तो उन पर ग्रामीणों को धमकाने के अलावा चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का भी मामला दर्ज हो सकता है क्योंकि उन्होंने निर्धारित अवधि के बाद भी चुनाव प्रचार जारी रखा।

'यदि इस गांव के किसी ने भी सुले को वोट नहीं दिया तो मैं पानी की आपूर्ति बंद कर दूंगा।' -अजीत पवार, उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र

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