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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली में नए उप-राज्यपाल को लेकर अटकलें तेज, बैजल का नाम सबसे ऊपर

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Fri, 23 Dec 2016 10:16 AM (IST)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह व कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नया उपराज्यपाल तय कर लिया गया है।

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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। तीन साल से कुछ ज्यादा वक्त तक बतौर उपराज्यपाल चर्चा में रहने वाले नजीब जंग के इस्तीफे ने कईयों को भले ही अचंभित किया हो लेकिन यह कुछ महीने पहले ही तय हो गया था। बताते हैं कि जंग ने केंद्र सरकार को इसका संकेत दे दिया था। हालांकि इसका कारण क्या था यह अब तक स्पष्ट नहीं है।

जाहिर है कि ऐसी स्थिति में नए राज्यपाल को लेकर भी सरकार ने पहले ही मन बना लिया होगा। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री राजनाथ सिंह व कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में नया उपराज्यपाल तय कर लिया गया है। जो भी हो, बताते हैं कि इसमें पूर्व गृह सचिव अनिल बैजल का नाम सबसे उपर रहा।

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जंग के इस्तीफे के बाद नौकरशाहों से लेकर राजनीतिज्ञों तक ने इस फैसले पर आश्चर्य जताया। पर सूत्रों की मानी जाए तो सरकार मे शीर्ष स्तर पर इसकी जानकारी थी। जंग के इस्तीफे को लेकर अलग अलग थ्योरी भी चलती रही जिसमें दबाव की भी बात आई और जंग के ओवर एक्टिविज्म की भी।

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बहरहाल, नए उपराज्यपाल को लेकर संशय बना हुआ है। इस्तीफे के बाद राजनाथ और मोदी ने एक साथ डिनर किया। बताते हैं कि वहां कुछ नामों पर चर्चा हुई। जिन दो तीन नामों को लेकर अटकल तेज रही उसमें अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के काल में गृह सचिव रहे अनिल बैजल उपर हैं। वह पहले डीडीए में भी रह चुके हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में प्रखर रहे हैं। वह विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन में एक्जीक्यूटिव काउंसिल से भी जुड़े रहे हैं। गौरतलब है कि इस संस्था से जुड़े कुछ लोगों को सरकार मे जगह मिली है।

यूं तो किरण बेदी और दिल्ली के पूर्व पुलिस आयुक्त रहे बीएस बस्सी के नामों पर भी अटकलें चलती रही। लेकिन सूत्रों की मानी जाए तो ये दोनों नाम फिट नहीं बैठ रहे हैं। गौरतलब है कि दोनों ही पूर्व नौकरशाहों की दिल्ली की केजरीवाल सरकार से ठनी रही है और ऐसे में इनकी नियुक्ति से ऐसा संदेश जाने का डर है कि केंद्र की भाजपा सरकार जानबूझकर दिल्ली सरकार को परेशान करना चाहती है।

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