विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दिल्ली जल बोर्ड में तीन घोटालों की एफआइआर के निर्देश

By Edited By:
Updated: Mon, 10 Feb 2014 09:44 PM (IST)

पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अध्यक्ष पद पर रहते जल बोर्ड में हुए तीन घोटालों की जांच दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा [एसीबी] को सौंप दी है ...और पढ़ें

News Article Hero Image

नई दिल्ली। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अध्यक्ष पद पर रहते जल बोर्ड में हुए तीन घोटालों की जांच दिल्ली सरकार ने भ्रष्टाचार निरोधक शाखा [एसीबी] को सौंप दी है। सरकार ने एसीबी को निर्देश दिया है कि तीनों मामलों में एफआइआर दर्ज की जाए। इन तीन मामलों में लगभग 341 करोड़ रुपये के घोटाले की आशंका जताई गई है।

सरकार द्वारा जारी विज्ञप्ति के मुताबिक दिल्ली जल बोर्ड ने पिछले दिनों चार लाख मीटर बाजार दर से काफी अधिक कीमत पर खरीदे। इन मीटरों की खरीद पर जल बोर्ड ने लगभग 384 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि बाजार दर पर ये मीटर लगभग 235 करोड़ रुपये में खरीदे जा सकते हैं। आशंका जताई गई है कि मीटरों की इस खरीद में जल बोर्ड को लगभग 150 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।

इसी तरह लगभग साढ़े तीन लाख मीटरों की दूसरी खरीद पर लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जबकि इसमें लगभग 33 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।

तीसरा मामला भागीरथी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का है। इस प्लांट के पुनरुद्धार पर जल बोर्ड ने लगभग 272 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि यह सारा काम मात्र 114 करोड़ रुपये में किया जा सकता था। अनुमान है कि इसमें लगभग 158 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है।

सरकार का कहना है कि आरोप है कि इस मामले में दिल्ली जल बोर्ड के कई सदस्य, इंजीनियर, ठेकेदार, कंसलटेंट और कई व्यक्ति शामिल हैं। एसीबी इन लोगों की भूमिका की जांच करेगी।

सूत्रों के मुताबिक इन तीनों मामलों के अलावा पांच अन्य घोटालों की शिकायत भी सरकार के पास पहुंची है। इनमें ब्लक मीटर खरीद, टेंकर किराया, द्वारका वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, नांगलोई पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप और मालवीय नगर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप योजना भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी परियोजनाएं लगभग 10 हजार करोड़ रुपये की हैं और इनमें चार से पांच हजार करोड़ रुपये के घोटाले का अंदेशा है।

दिल्ली जलबोर्ड में भ्रष्टाचार पर पांच मामले दर्ज

जल बोर्ड घोटाले में रिपोर्ट पर फैसला आज

दिलचस्प बात यह है कि यदि ये मामले दर्ज होते हैं तो इसके साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मुसीबतें बढ़ सकती हैं, क्योंकि वह पिछले 15 साल से जल बोर्ड की अध्यक्ष भी हैं।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर