विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए खुशखबरी! अब इस कारण से नहीं रुकेगी नियुक्ति

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Sun, 03 Jul 2016 03:27 AM (IST)

केंद्र ने चरित्र प्रमाणपत्र और पृष्ठभूमि सत्यापन की मांग को लेकर नियुक्ति पत्र नहीं रोकने का फैसला किया है और कहा है कि वह उनकी स्वघोषणा पर भरोसा करेगा।

News Article Hero Image

नई दिल्ली। सरकारी नौकरियों के सफल और इसे पाने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए खुशखबरी है। केंद्र ने चरित्र प्रमाणपत्र और पृष्ठभूमि सत्यापन की मांग को लेकर नियुक्ति पत्र नहीं रोकने का फैसला किया है और कहा है कि वह उनकी स्वघोषणा (सेल्फ डिकलेयरेशन) पर भरोसा करेगा।

लेकिन जो उम्मीदवार गलत सूचना देंगे, उन्हें फौजदारी और कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

एनडीटीवी की खबर के अनुसार कार्मिक मंत्रालय ने कहा है कि सरकार ने फैसला किया है कि नियुक्ति पत्र सफल उम्मीदवारों के चरित्र एवं पृष्ठभूमि के सत्यापन के लंबित रहने को लेकर रोककर रखने की जरूरत नहीं है। नियुक्ति प्राधिकार उम्मीदवार से सत्यापन और स्वघोषणा प्राप्त करने के बाद अंतरिम नियुक्ति पत्र जारी करेंगे।

पढ़ेंः भारी बारिश के साथ मुंबई में हाई टाइड, गलियों में घुसा पानी

मंत्रालय द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार नियुक्ति पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख होगा कि यदि उम्मीदवार का चरित्र एवं अन्य पृष्ठभूमि सत्यापित नहीं होती है, या उसकी स्वघोषणा में गलत सूचना दी जाती है तो अंतरिम नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी और फलस्वरूप फौजदारी एवं कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

विज्ञप्ति के अनुसार इस फैसले का लक्ष्य सरकार के ‘न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन’ के विजन को हासिल करना है और नागरिक केंद्रित सुशासन प्रदान करना है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सरकारी नौकरियों में नियुक्तियों में बहुत देरी इसलिए हो जाती है क्योंकि पुलिस सत्यापन में दो महीने से लेकर छह महीने तक का समय लग रहा है।

वर्तमान प्रावधानों के अनुसार सफल उम्मीदवारों को औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी करने से पहले नियुक्ति प्राधिकार उनके चरित्र और पृष्ठभूमि का सत्यापन करते हैं।

विज्ञप्ति कहती है कि सरकार ने फैसला किया है कि अब चरित्र एवं पृष्ठभूमि का सत्यापन होगा लेकिन नियुक्ति पत्र ऐसे सत्यापन के चलते रोककर रखने की जरूरत नहीं है।

पढ़ेंः I LOVE U का मतलब ये नहीं कि लड़की शारीरिक संबंध के लिए तैयार है:सुप्रीम कोर्ट