यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 12, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भगवान की फोटो संग सेमी न्यूड दिखीं पूनम के खिलाफ केस खारिज
अकसर अर्धनग्न तस्वीरों को सोशल नेटवर्किंग साइट पर पोस्ट कर विवादों और चर्चा में रहने वाली मॉडल पूनम पांडे को एक ऐसे ही केस में बंगलुरु की अदालत से बड़ी राहत मिली। अदालत ने मॉडल के खिलाफ पिछले दो साल से लंबित एक केस को खारिज किया।

नई दिल्ली। अकसर अर्धनग्न तस्वीरों को सोशल नेटवर्किंग साइट पर पोस्ट कर विवादों और चर्चा में रहने वाली मॉडल पूनम पांडे को एक ऐसे ही केस में बंगलुरु की अदालत से बड़ी राहत मिली। शहर की एक निचली अदालत ने मॉडल के खिलाफ पिछले दो साल से लंबित एक केस को खारिज दिया है। वर्ष 2012 में एक विज्ञापन में भगवान विष्णु की फोटो में सचिन तेंदुलकर के चेहरे के साथ वे अर्द्धनग्न अवस्था में खड़ी थीं, जिसके बाद उनके खिलाफ बंगलुरु के ही एस उमेश ने धार्मिक भावनाएं आहत करने का केस दर्ज कराया था।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने पूनम के विरुद्ध आईपीसी की धारा 295ए के तहत मामला दर्ज किया था। इस केस में अदालत ने उनके खिलाफ 7 नवंबर 2012 को समन जारी करते हुए 26 फरवरी 2013 तक पेश होने का आदेश भी जारी किया था, ताकि वे अपना पक्ष रख सकें।
हालांकि पुलिस से सम्मन न मिलने के चलते वे अदालत में प्रस्तुत नहीं हुई। बंगलुरु पुलिस को हर बार वे पते पर नहीं मिली, लिहाजा उन्हें सम्मन नहीं दिया जा सका। इसी बीच पूनम प्यार जहर है नाम कन्नड़ फिल्म की शूटिंग कर रही थीं।
पूनम पांडे के वकील की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने उनके खिलाफ केस को तकनीकी आधार पर खारिज कर दिया। कोर्ट ने शिकायतकर्ता को बताया कि किसी व्यक्ति के खिलाफ इस तरह निजी शिकायत दायर करने से पहले उन्हें सक्षम प्राधिकरण (इस केस में, राज्य सरकार से) उचित अनुमति लेनी होती है, लेकिन उनके द्वारा ऐसा नहीं किया गया।
