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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जातीय जनगणना के आंकड़े जारी होंगे: वित्‍त मंत्री

By Sanjay BhardwajEdited By:
Updated: Thu, 16 Jul 2015 06:04 PM (IST)

विपक्षी दलों द्वारा जातिगत जनगणना को जारी करने की मांग के बीच आज वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जनगणना का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। यह जैसे ही पूरा होगा जातिगत जनगणना के सारे आंकड़े सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।

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नई दिल्ली। विपक्षी दलों द्वारा जातिगत जनगणना को जारी करने की मांग के बीच आज वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जनगणना का काम अभी पूरा नहीं हुआ है। यह जैसे ही पूरा होगा जातिगत जनगणना के सारे आंकड़े सार्वजनिक कर दिए जाएंगे।

गौरतलब है कि लालू यादव, नीतीश कुमार सहित कांग्रेस व अन्य दलों के नेता पिछले कुछ दिनों से लगातार जातिगत जनगणना के आंकड़े जारी करने की मांग कर रहे हैं। लालू यादव का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछड़ी जाति के दुश्मन हैं। अगर वे हितैषी हैं तो जाति जनगणना की रिपोर्ट सार्वजनिक करके दिखाएं।

नीतीश कुमार ने दिल्ली में कहा कि जब सर्वेक्षण कराया गया, गणना कराई गई तो उसकी रिपोर्ट आनी चाहिए और लोगों को संख्या के बारे में मालूम होना चाहिए और समाज के जो विभिन्न समूह हैं, उनकी आर्थिक स्थिति के बारे में, सामाजिक स्थिति के बारे में जानकारी मिलनी चाहिए।

भाजपा की तरफ से बैटिंग करते हुए रामविलास पासवान ने कहा कि कल पब्लिश हो जाएगा तो कल ही क्या हो जाएगा। हम अपने समय से करेंगे, वैसे जाति की जनगणना की एक शर्त यह भी थी कि इसे पब्लिश नहीं किया जाएगा।

कैबिनेट की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि नीति अायोग के उपाध्यक्ष अरविंद पानागढिया की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है, जो जातीय जनगणना के आंकड़ों का विश्लेषण करेगी।

जेटली ने कहा कि देश के 400 रेलवे स्टेशनों का कायाकल्प होगा। इन रेलवे स्टेशनों को स्विस विधि से उन्नत व आधुनिक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने छह लेन के ईस्टर्न पेरिफेरल हाइवे को मंजूरी दे दी है। जेटली ने इसके साथ ही बताया कि सरकार ने क्षेत्रीय व ग्रामीण बैंकों को संबल देने के लिए 700 करोड़ रुपये की मदद देने का फैसला किया गया है।

जेटली ने बताया कि कैबिनेट ने ई-अदालतों के दूसरे चरण की मंजूरी दे दी है। इसके लिए 1679 करोड़ रुपये की योजना मंजूर की गई है। उन्होंने कहा कि एफडीआइ के नियमों को सरल बनाया गया। एफडीआइ के तमाम वर्गों काे एक श्रेणी में शामिल किया गया।

इसके साथ ही वित्त मंत्री ने कहा कि कैबिनेट ने बिजली ट्रांसमिशन को दुरुस्त करने के लिए 5048 कराेड़ रुपये के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है।

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