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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 22, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केंद्र के आदेश को नैनीताल हार्इकोर्ट ने कूड़ेदान में फेंक दिया: शिवसेना

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Fri, 22 Apr 2016 04:53 PM (IST)

केंद्र पर प्रहार करते हुए शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखा है कि उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन के आदेश को नैनीताल हाईकोर्ट ने कूड़ेदान में फैंक दिया।

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मुंबई (पीटीआई)। उत्तराखंड सरकार को लेकर दिए गए नैनीताल हाईकोर्ट के फैसले का एनडीए गठबंधन में शामिल दल शिवसेना ने स्वागत किया है। साथ ही शिवसेना ने केंद्र पर हमला बोलते हुए कहा है कि हाईकोर्ट ने केंद्र के आदेश को कूड़ेदान में फेंक दिया। इस फैसले के बाद शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना के जरिए एनडीए सरकार तीखा हमला बोला है।

अपने संपादकीय में शिवसेना ने लिखा है कि हाईकोर्ट के फैसले से न सिर्फ केंद्र सरकार को धक्का लगा है बल्कि उसके लिए यह बेहद शर्मिंदगी वाली घड़ी है। फैसले का स्वागत करते हुए शिवसेना ने लिखा है कि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणी की है और राष्ट्रपति शासन को लगाना पूरी तरह से गलत बताया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान यहां तक कहा है कि राष्ट्रपति भी गलत निर्णय ले सकते हैं। इसका साफ सीधा अर्थ है कि मोदी सरकार ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाकर गलती की थी।

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शिवसेना ने केंद्र पर प्रहार करते हुए कहा है कि उत्तराखंड में केंद्र ने जिस तर्ज पर चुनी हुई सरकार को हटाकर वहां राष्ट्रपति शासन लगाया वह गलती के सिवाए और कुछ नहीं था। शिवसेना ने अपने मुखपत्र में लिखा है कि केंद्र ने यह सब राजनीतिक बढ़ोतरी पाने के लिए किया था।

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