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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 22, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

लोस चुनाव में आचार संहिता उल्लंघन मामले से मोदी बरी

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Updated: Fri, 22 Aug 2014 07:54 PM (IST)

लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के चुनाव चिन्ह केसाथ सेल्फी (मोबाइल से खुद की फोटो खींचने) लेने और मतदान केंद्र के बाहर पत्रकारों से बातचीत पर चुनाव आचार ...और पढ़ें

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अहमदाबाद, राज्य ब्यूरो। लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा के चुनाव चिन्ह केसाथ सेल्फी (मोबाइल से खुद की फोटो खींचने) लेने और मतदान केंद्र के बाहर पत्रकारों से बातचीत पर चुनाव आचार संहिता उल्लंघन में फंसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्थानीय अदालत ने बरी कर दिया है।

अहमदाबाद के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट एमएच पटेल ने शुक्रवार को गुजरात पुलिस की अपराध शाखा द्वारा पेश क्लोजर रिपोर्ट को मंजूर करते हुए मोदी के खिलाफ दर्ज केस खत्म कर दिया। आठ अगस्त को दाखिल क्लोजर रिपोर्ट में मोदी को क्लीन चिट देते हुए कहा गया है कि उन्होंने 30 अप्रैल 2014 को अहमदाबाद के रानिप इलाके के एक स्कूल में मतदान के बाद सेल्फी ली जो आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। न्यायाधीश पटेल ने अपने आदेश में कहा, जब कोई अपराध हुआ ही नहीं तो इस मामले में आगे किसी कार्रवाई की जरूरत नहीं है। आदेश में कहा गया है कि मोदी ने मतदान केंद्र के बाहर मीडिया से बात करके आचार संहिता का कोई उल्लंघन नहीं किया है। पत्रकार वार्ता पूर्व नियोजित नहीं थी। मोदी और उनकी पार्टी ने पत्रकारों को वहां नहीं बुलाया न ही संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया था। पत्रकारों के अनुरोध पर मोदी उनसे मुखातिब हुए और सवालों के जवाब दिए। मोदी के कुर्ते पर लगे कमल (पार्टी का चुनाव चिन्ह) को भी न्यायाधीश ने पोशाक का हिस्सा बताया।

ज्ञात हो, आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता निशांत वर्मा की शिकायत के बाद निर्वाचन आयोग ने मोदी के खिलाफ चुनाव आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज किए जाने का आदेश दिया था। आयोग के निर्देश पर गुजरात पुलिस की अपराध शाखा ने जनप्रतिनिधित्व कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।

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