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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 01, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सहारनपुर में रफ्ता-रफ्ता लौट रही पटरी पर जिंदगी

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Updated: Fri, 01 Aug 2014 10:07 PM (IST)

सहारनपुर दंगे के बाद क‌र्फ्यू के सातवें दिन पूरे शहर में एक साथ आठ घंटे की ढील के दौरान जिंदगी पटरी पर लौटती नजर आई। मुख्य बाजारों, सरकारी और गैर सरका ...और पढ़ें

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सहारनपुर [जासं]। सहारनपुर दंगे के बाद क‌र्फ्यू के सातवें दिन पूरे शहर में एक साथ आठ घंटे की ढील के दौरान जिंदगी पटरी पर लौटती नजर आई। मुख्य बाजारों, सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में चहल-पहल रही। हालांकि कुछ इलाकों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सुरक्षा-व्यवस्था का भरोसा दिलाए जाने के बाद भी ज्यादातर व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोली।

मस्जिदों में भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच जुमे की नमाज अदा की गई। शनिवार को दिन में क‌र्फ्यू में दस घंटे की ढील दी जाएगी। उधर, दंगे की जांच के लिए मेरठ मंडल कमिश्नर भूपेंद्र सिंह तीन अगस्त और लोनिवि मंत्री शिवपाल यादव चार अगस्त को सहारनपुर आएंगे।

शुक्रवार सुबह दस से छह बजे तक क‌र्फ्यू में मिली ढील के दौरान आज न तो कोई अफवाह हवा में तैरी और न ही भगदड़ मची। भारी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच जुमे की नमाज भी अदा की गई। नमाज के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली।

उधर, क‌र्फ्यू में ढील के दौरान शहर के बाजार खुले, हालांकि अपेक्षाकृत भीड़ कम ही नजर आई। सरकारी व गैरसरकारी कार्यालयों में अधिकारी व कर्मचारी दिनभर काम में मशगूल नजर आए। उधर, गुरुवार रात को चले अभियान में पुलिस ने 53 लोगों को गिरफ्तार किया। अब दंगे से जुड़े मुकदमों की संख्या बढ़कर 96 हो गई है।

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