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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बाघ के हाथों मारे गए मकसूद के परिजनों ने मांगा 50 लाख मुआवजा

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Tue, 28 Oct 2014 08:03 AM (IST)

राजधानी के चिड़ियाघर में सफेद बाघ विजय के हमले में मारे गए युवक मकसूद के परिजनों ने सरकार से 50 लाख रुपये मुआवजा मांगा है। इस संबंध में उन्होंने दिल्ली ...और पढ़ें

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नई दिल्ली। राजधानी के चिड़ियाघर में सफेद बाघ विजय के हमले में मारे गए युवक मकसूद के परिजनों ने सरकार से 50 लाख रुपये मुआवजा मांगा है। इस संबंध में उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण, दिल्ली पुलिस आयुक्त, दिल्ली सरकार, राष्ट्रीय प्राणी उद्यान को नोटिस जारी किया है। उन्हें चार सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा गया है।

मकसूद की पत्नी फातिमा ने याचिका में चिड़ियाघर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था में चूक के कारण सफेद बाघ ने उसके पति पर हमला किया है। फातिमा के वकील मोहम्मद फैसल ने अदालत को बताया कि मकसूद के भरोसे ही घर का खर्च चल रहा था। उसकी पत्नी सात माह की गर्भवती है घर में उसकी मां तथा छोटा भाई है।

इस संबंध में चैनल ने कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दिखाए थे जिसमें उन्होंने कहा था कि गिरने के कारण मकसूद का पैर टूट गया था, जिससे वह भागने में असमर्थ था। मकसूद के गिरने के लगभग 15 मिनट बाद बाघ ने हमला किया था, इस दौरान चिड़ियाघर प्रशासन ने उसे बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। चिड़ियाघर प्रशासन ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का पालन नहीं किया और न ही आपातकालीन स्थिति के लिए कोई व्यवस्था की थी।

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