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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

आप नेताओं ने नहीं दी विदेशी चंदे की जानकारी

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Updated: Wed, 29 Jan 2014 09:14 PM (IST)

नई दिल्ली [जागरण संवाददाता]। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को जानकारी दी है कि चुनाव प्रचार में विदेश से धन प्राप्त करने के मामले में आम आदमी पार्ट ...और पढ़ें

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नई दिल्ली [जागरण संवाददाता]। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को जानकारी दी है कि चुनाव प्रचार में विदेश से धन प्राप्त करने के मामले में आम आदमी पार्टी [आप] के संयोजक व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब तक नहीं बताया है कि उनकी पार्टी को चंदा कहां से मिला है। इस बीच न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से कहा है कि वह इस मामले में आम आदमी पार्टी को भी पक्षकार बनाए। ऐसा इसलिए करना जरूरी है, क्योंकि यह चंदा पार्टी के नाम पर एकत्रित किया गया है। अगली सुनवाई पांच फरवरी को होगी।

केंद्र सरकार की तरफ से एडिशनल सॉलीसिटर जनरल राजीव मेहरा ने अदालत को बताया कि चार नवंबर, 2013 को आप को पत्र भेजकर उनके खातों के संबंध में जानकारी मांगी गई थी। इसके बाद एक अन्य पत्र भी भेजा गया। परंतु अब तक उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है। वहीं, कांग्रेस व भाजपा द्वारा विदेशी कंपनियों से चंदा लेने के संबंध में आप नेता प्रशांत भूषण की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश एनवी रामना व न्यायाधीश आरएस एंडलॉ ने कहा कि इसी तरह का एक मामला न्यायाधीश प्रदीप नंदराजोग की खंडपीठ के समक्ष लंबित है, लिहाजा इस मामले की सुनवाई भी वहीं की जाएगी।

ज्ञात हो कि अधिवक्ता एमएल शर्मा ने एक जनहित याचिका दायर कर रखी है। याचिका में मांग की गई है कि केजरीवाल सहित आप पार्टी के सदस्यों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया जाए क्योंकि इन्होंने नियमों का उल्लंघन करके विदेशी चंदा प्राप्त किया है। याचिका में केजरीवाल, मनीष सिसौदिया, प्रशांत भूषण व अन्य को पक्षकार बनाया गया है।

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