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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

संसद सत्र 31 जनवरी से बुलाने की तैयारी, बजट 1 फरवरी को

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Tue, 03 Jan 2017 08:07 PM (IST)

मंगलवार को हुई संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) की बैठक में यह फैसला किया गया।

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नई दिल्ली, एजेंसी। देश के आम बजट की प्रक्रिया में व्यापक बदलाव के उद्देश्य से सरकार ने संसद का बजट सत्र 31 जनवरी से बुलाने और 1 फरवरी को बजट पेश करने की सिफारिश की है। मंगलवार को हुई संसदीय मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीपीए) की बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक की अध्यक्षता गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने की। समिति की सिफारिशें राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी को भेजी जाएंगीं।सीसीपीए की बैठक में संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार, कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद व संसदीय कार्य राज्यमंत्री मुख्तार अब्बास नकवी मौजूद थे।

1 अप्रैल से ही कर प्रस्ताव लागू करने की कवायद

केंद्रीय बजट जल्दी पेश करने व 31 मार्च तक उसकी संसदीय मंजूरी तय करने के पीछे सरकार की मंशा है कि 1 अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वषर्ष से ही कर प्रस्ताव व तमाम योजनाएं लागू हो जाएं और उनका बेहतर क्रियान्वयन हो सके।

अब तक 28 फरवरी को पेश होता था बजट

अब तक आम बजट परंपरागत तरीके से 28 फरवरी को पेश होता था। उसे मंजूरी की प्रक्रिया मई मध्य तक पूरी होती थी। जून में मानसून आ जाता है और अधिकांश राज्य योजनाओं का क्रियान्वयन व खर्च अक्टूबर तक शुरू नहीं कर पाते थे। इससे करीब आधा वषर्ष बेकार चला जाता था।

खत्म होगी अलग रेल बजट की 92 साल पुरानी परंपरा

पिछले साल सितंबर में सरकार ने अलग रेल बजट पेश करने की करीब एक सदी (92 साल) पुरानी प्रथा खत्म करने का फैसला किया था। अलग रेल बजट की परंपरा 1924 में शुरू हुई थी। तब रेलवे सबसे बड़ा महकमा था, लेकिन अब रक्षा और परिवहन जैसे कई क्षेत्रों के बजट का आकार रेलवे से काफी ब़़डा है, लेकिन वे आम बजट का ही हिस्सा हैं।

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आम बजट का हिस्सा बनने से रेलवे को खर्च के लिए सरकार का मुंह नहीं ताकना पड़ेगा और 10 हजार करो़ड़ का सालाना लाभांश भी सरकार को नहीं देना पड़ेगा। इससे देश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

अटल सरकार ने बदला था वक्त

2000 में अटलजी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने बजट पेश करने का समय शाम 5 बजे से बदलकर सुबह 11 बजे किया था। गुलामी के दिनों में ब्रिटिश घड़ी को ध्यान में रखते हुए बजट शाम को पेश किया जाता था। 2017 में मोदी नीत राजग सरकार आम बजट की तिथि 28 फरवरी से बदलकर 1 फरवरी करने जा रही है।