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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिगरेट-बीड़ी के सपोर्ट में बीजेपी सांसद हो रहे मुखर

By Gunateet OjhaEdited By:
Updated: Fri, 03 Apr 2015 04:27 PM (IST)

लोकसभा की अधीनस्थ नियम समिति के प्रमुख और भाजपा सांसद दिलीप कुमार गांधी के तंबाकू के समर्थन में उतरने के बाद एक और भाजपा सांसद तथा उसी समिति के सदस्य श्याम चरण गुप्ता "बीड़ी" के पक्ष में बोले हैं।

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नई दिल्ली। लोकसभा की अधीनस्थ नियम समिति के प्रमुख और भाजपा सांसद दिलीप कुमार गांधी के तंबाकू के समर्थन में उतरने के बाद एक और भाजपा सांसद तथा उसी समिति के सदस्य श्याम चरण गुप्ता "बीड़ी" के पक्ष में बोले हैं। खास बात यह है कि श्याम चरण गुप्ता खुद बीड़ी के एक बड़े उद्योगपति हैं। उनका कारोबार सैकड़ों करोड़ रुपये का है। विपक्ष ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संसदीय समिति से उन्हें निकालने की मांग की है।

इलाहाबाद से लोकसभा सांसद गुप्ता ने कहा, "मैं ऐसे बहुत से लोगों को पेश कर सकता हूं जो बीड़ी के चेन स्मोकर हैं और आज की तारीख तक उन्हें कोई बीमारी नहीं हुई है, न ही कैंसर...। चीनी, चावल, आलू खाने से मधुमेह हो जाता है। फिर ऐसी चीजों पर आप क्यों चेतावनी नहीं छापते हैं।"

उनके बयान को विपक्षी पार्टियों कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, माकपा ने "हितों का टकराव" करार दिया है। विपक्ष का कहना है कि श्याम गुप्ता बीड़ी कारोबारी होने के बावजूद देश में तंबाकू ब्रिकी से संबंधित नियमों की जांच करने वाली संसदीय समिति के सदस्य हैं। कांग्रेस प्रवक्ता संजय झा ने गुप्ता को समिति से हटाने की मांग करते हुए कहा है कि यह निहायत बेईमानी है।

सपा के गौरव भाटिया ने कहा, "यह पूरी तरह से अस्वीकार्य और शर्मनाक है। सदन की एक समिति का सदस्य एक ऐसा व्यक्ति है, जिसमें उसका हित भी जुड़ा हुआ है। यह साफतौर पर हितों के टकराव का मामला है।" माकपा के मुहम्मद सलीम ने कहा कि संसदीय कार्यप्रणाली की मांग है कि ऐसे व्यक्तियों को समिति से बाहर रखना चाहिए और यदि किसी के भी हितों का टकराव होता है, तो उसे खुद हट जाना चाहिए। गुप्ता को लोकसभा अध्यक्ष से समिति को खुद को बहार करने के लिए कहना चाहिए।

श्याम चरण गुप्ता की तरह, कुछ दिन पहले दिनेश गांधी ने कहा था कि भारतीय परिप्रेक्ष्य में अब तक यह साबित नहीं हुआ है कि तंबाकू से कैंसर होता है। उनके इस बयान ने सरकार को असहज कर दिया है। उसके बाद से वह विपक्षी दलों और स्वास्थ्य संस्थानों से जुड़े लोगों के निशाने पर हैं। हालांकि दिनेश ने गुरुवार को श्याम गुप्ता का बचाव करते हुए कहा कि वह सिर्फ इकलौते नहीं हैं, जो तंबाकू कारोबार से जुड़े हैं।

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