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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत, अफगानिस्तान ने चाबहार परियोजना पर की विस्तृत चर्चा

By Manish NegiEdited By:
Updated: Tue, 26 Apr 2016 09:34 PM (IST)

विदेश सचिव एस जयशंकर ने 'हार्ट ऑफ एशिया' सम्मेलन में हिस्सा लेने आए अफगानिस्तान के उप निदेश मंत्री के साथ चाबहार परियोजना पर चर्चा की। भारत की इस परियोजना में दो लाख करोड़ रपये निवेश की योजना है।

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नई दिल्ली। भारत और अफगानिस्तान ने ईरान में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चाबहार परियोजना से जुड़ी प्रगति की आज यहां समीक्षा की। भारत की इस परियोजना में दो लाख करोड़ रपये निवेश की योजना है।

चाबहार बंदरगाह से भारत को ईरान से अफगानिस्तान और मध्य एशिया का सुगम रास्ता मिल जाएगा। विदेश सचिव एस जयशंकर और अफगानिस्तान के उप विदेश मंत्री हिकमत करजई की यहां हुई बैठक में चाबहार के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। करजई यहां ‘हर्ट ऑफ एशिया’ सम्मेलन में भाग लेने आए हैं।

जयशंकर और करजई ने अफगानिस्तान की स्थिति की भी समीक्षा की जहां 19 अप्रैल को काबुल में आतंकवादी हमले में 64 लोग मारे गए और सैकड़ों लोग जख्मी हो गये थे। दोनों ने वहां सलमा बांध परियोजना तथा भारत के अन्य सहायता कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा भी की। भारत ने अफगानिस्तान में सहायता और पुनर्निर्माण परियोजनाओं में दो अरब डालर का निवेश किया है साथ ही कई अफगान अधिकारियों को प्रशिक्षित भी किया है।

चाबहार बंदरगाह पर पाकिस्तान की नजर