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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 27, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत ने अपने नागरिकों को यमन से लाने को ढूंढ़े उपाय

By Sachin BajpaiEdited By:
Updated: Fri, 27 Mar 2015 12:26 PM (IST)

यमन के बिगड़े हालात से चिंतित विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अंतर-मंत्रालयीय बैठक की। इसमें युद्धग्रस्त देश से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के उपायों पर चर्चा की गई।

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नई दिल्ली । यमन के बिगड़े हालात से चिंतित विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को अंतर-मंत्रालयीय बैठक की। इसमें युद्धग्रस्त देश से अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के उपायों पर चर्चा की गई। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी यमन में भारत के राजदूत अमृत लुगन से वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चर्चा की। उन्होंने पूछा कि भारतीयों की मदद के लिए क्या कदम उठाए जाएं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने यह जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि सचिव (पूर्व) की अध्यक्षता में एक अंतर-मंत्रालयीय बैठक हुई। इसमें यमन में मौजूदा स्थितियों में भारतीय नागरिकों की मदद के लिए उपलब्ध विकल्पों की तलाश की गई। बैठक में रक्षा और प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रालयों के अलावा एयर इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

प्रवक्ता ने बताया कि इसके अलावा मंत्रालय ने यमन की स्थितियों पर निगरानी के लिए एक 24 घंटे चलने वाले नियंत्रण कक्ष का भी गठन किया है। यमन में गुरुवार को सभी हवाईअड्डे बंद कर दिए गए हैं।

विदेश मंत्रालय अपने नागरिकों को यमन से लौटने के लिए समय-समय पर एडवाइजरी जारी करता रहा है। यमन में करीब 3,500 भारतीय रह रहे हैं। इनमें अधिकतर नर्से हैं।

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