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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

250 मिलियन खर्च कर हिमालय पर संजीवनी बूटी खोजेगी उत्‍तराखंड सरकार

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Thu, 28 Jul 2016 09:54 PM (IST)

उत्‍तराखंड सरकार हिमालय में इंसान को जिंदा रखने वाली संजीवनी बूटी की खोज करेगी। इस पर करीब 37 मिलियन डाॅलर खर्च होंगे। इसको द्रोणागिरी पर्वत पर खोजा जाएगा।

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नई दिल्ली (एएफपी)। उत्तराखंड सरकार लोगों को जिंदा रखने के लिए अब एक नई खोज शुरू करना चाहती है। इस खोज पर सरकार 250 मिलियन रुपये खर्च करेगी। दरअसल सरकार की योजना हिमालय में संजीवनी बूटी खोजने की है, जिसका जिक्र रामायण में किया गया है। इसी संजीवनी बूटी की वजह से लक्ष्मण की जान बचाई जा सकी थी। सरकार इसकी खोज द्रोणागिरी पर्वत से शुरू करेगी। इसकी जानकारी खुद राज्य के मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने दी है।

नेगी का कहना है कि हम इस खोज के दौरान कुछ भी बेकार नहींं जाने देंगे। उनके मुताबिक यदि हम ठान लेगे तो सुंजीवनी बूटी को तलाश करके ही रहेंगे। उनके मुताबिक हिमालय के क्षेत्र में कई तरह की दुर्लभ जड़ी-बूटी पाई जाती हैं, जिनका उपयोग उपचार के लिए किया जाता है। इनमें से कइयों पर शोध भी किया जा रहा है। उनके मुताबिक लोगों की जान बेहद कीमती है, इसको बचाने के लिए यह खोज भी बेहद अहम है। इसकी शुरुआत चीन से लगती सीमा के निकट द्रोणागिरी पर्वत से की जाएगी।

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इसकी वजह यह है कि इस पर्वत का जिक्र रामायण में किया गया है। रामायण के मुताबिक हनुमान यहीं पर संजीवनी बूटी की खोज में आए थे, लेकिन बूटी की पहचान न होनेे के चलते वह पूरा पर्वत ही अपने साथ ले गए थे। इस जड़ी-बूटी की वजह से ही भगवान श्री राम के भाई लक्ष्मण की जान बच सकी थी। नेगी के मुताबिक वैज्ञानिक हिमालय की उंचाई पर इस औषधि की खोज अगले माह अगस्त से शुरू करेंगे। भारत में आयुर्वेद के जरिए बड़ी से बड़ी बीमारियों का उपचार करीब पांच हजार वर्ष पहले से किया जा रहा है।

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