विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाने का जयललिता ने किया विरोध

By Edited By:
Updated: Thu, 18 Sep 2014 02:35 PM (IST)

तमिलनाडु के विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी सर्कुलर का जयललिता ने विरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इसे कानून के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय में लिया गया यह निर्णय तमिलनाडु के लिए बाध्यकारी नहीं है।

News Article Hero Image

चेन्नई। तमिलनाडु के विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार द्वारा जारी सर्कुलर का जयललिता ने विरोध किया है। मुख्यमंत्री ने इसे कानून के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के समय में लिया गया यह निर्णय तमिलनाडु के लिए बाध्यकारी नहीं है।

गौरतलब है कि तमिलनाडु में हिंदी को लेकर राजनीति गर्म है। जयललिता के अलावा राज्य के अन्य प्रमुख पार्टियों ने भी हिंदी के खिलाफ पहले से ही मुहिम छेड़ रखा है। यह पहली बार नहीं है कि भारत में हिंदी को विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

तमिलनाडु में उठ रहे इस विवाद से पहले, पिछले वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय में भी उत्तर-पूर्वी छात्रों ने हिंदी को लेकर जबरदस्त प्रदर्शन किया था। छात्रों ने विश्वविद्यालय के इस निर्देश का विरोध किया था, जिसमें हिंदी या मॉर्डन हिंदी को हर छात्र के लिए एक अनिवार्य विषय बनाने की बात कही गई थी।

रालोसपा ने उपेंद्र को बनाया अपना सीएम उम्मीदवार

सीवीसी की नियुक्ति प्रक्रिया पर केंद्र से मांगा जवाब