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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हेडली का खुलासा, बाला साहेब ठाकरे की हत्या करना चाहता था लश्कर

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Fri, 12 Feb 2016 02:41 PM (IST)

आतंकी डेविड हेडली ने अपनी चौथे दिन की गवाही में बताया कि लश्कर की योजना मुंबई में शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे की हत्या करने की थी। इसके लिए हेडली ने न सिर्फ शिवसेना के नेताओं से घनिष्ठ संबंध बनाए बल्कि शिवसेना भवन की वीडियो भी तैयार की थी।

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मुंबई। मुंबई हमले के साजिशकर्ता डेविड हेडली ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा गवाही में कई चौकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह मुंबई में प्रख्यात भाभा परमाणु रिसर्च सेंटर और शिवसेना भवन पर हमला करवाना चाहता था। इसके लिए न सिर्फ उसने इन दोनों ही जगहों की वीडियो तैयार की थी बल्कि पूरी रेकी भी की थी। लश्कर की योजना शिवसेना चीफ बाला साहेब ठाकरे को टारगेट करने की थी। हेडली के इस बयान के बाद शिवसेना के नेता संजय राउत का कहना है कि वह इस खुलासे को लेकर हैरत में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शिवसैनिक राष्ट्रभक्त हैं लिहाजा आतंकी उन्हें छू भी नहीं सकते हैं।

बाल ठाकरे की हत्या के लिए बनी थी योजना

शिवसेना भवन में एक बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता के दौरान उसने राहुल भट से मुलाकात की। यह मुलाकात विलास नाम के एक व्यक्ति ने करवाई थी। विलास वहां स्थित मोक्ष जिम का इंचार्ज भी था। हेडली ने बताया किे उसने शिवसेना भवन की वीडियो तैयार की और उसे लश्कर को सौंप दिया। वह भविष्य में शिवसेना मुख्यालय और इसके चीफ बाला साहेब ठाकरे की हत्या की योजना बना रहे थे। उसने बताया कि साजिद मीर ने उससे राजाराम से घनिष्ठ संबंध बनाने को कहा था क्योंकि वह उद्धव ठाकरे का पीआरओ था।

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वाघा बोर्डर पर सिक्योरिटी चेक करने के थे निर्देश

हेडली ने बताया कि साजिद मीर ने उसको एक भारतीय नंबर का फोन देकर वाघा बोर्डर पर जानकारी लेने को भी कहा था। उसे वहां पर फौज और सिक्योरिटी को जाकर देखना था। मुंबई हमले के दौरान जब अजमल कसाब को जिंदा पकड़ लिया गया था तो उसे और साजिद मीर को इस खबर से काफी दुख हुआ था। उसने यह भी माना कि मुंबई पर हमला करने वाले आतंकिेयों के पास भारतीय फोन थे और वह हर वक्त पाकिस्तान में बैठे आकाओं के संपर्क में थे, जो उन्हें दिशा-निर्देश दे रहे थे।

निशाने पर था भाभा परमाणु सेंटर

अपनी गवाही में हेडली ने बताया कि जून 2008 में पाकिस्तान में उसने साजिद मीर, अबु खफा, अब्दुर रहमान पाशा, लखवी और मेजर इकबाल से मुलाकात भी की थी। इस दौरान भी आतंकियों द्वारा निशाना बनाए जाने वाले ठिकानों पर चर्चा हुई थी। इस दौरान मेजर इकबाल ने उसकी नियुक्ति भविष्य में मुबंई के प्रख्यात भाभा परमाणु रिसर्च सेंटर में कराने की बात की थी जिससे वह वहां की खुफिया जानकारी को आईएसआई तक पहुंचा सके।

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बीएआरसी की बनाई थी वीडियो

उसने गवाही के दौरान यह भी कबूल किया कि उसने बीएआरसी की एक वीडियो भी तैयार की थी, जिसको बाद में उसने मेजर इकबाल और साजिद मीर को सुपुर्द कर दिया था। उसने यह भी बताया किे मेजर इकबाल ने उसको मुंबई के नेवल स्टेशन का सर्वे करने को भी कहा था। उसने वहां का भी सर्वे किया था जिसको बाद में लश्कर के साथ चर्चा में शामिल भी किया गया था।

शिवसेना भवन की रेकी की थी

हेडली ने अपनी गवाही में बताया कि उसने शिवसेना के राजाराम रेगे से काफी घनिष्ठ संबंध बना लिए थे। वह शिव सेना भवन को भी आतंकियों के निशाने पर लाना चाहता था। उसने बताया कि इस भवन की जानकारी उसने भविष्य में होने वाले आतंकी हमले के लिए ली थी। यही वजह थी कि उसने राजाराम से दोस्ताना संबंध बनाए थे।

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