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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 28, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

अपने विधायकों को लेकर नई पार्टी बनाना चाहते थे केजरीवाल

By Rajesh NiranjanEdited By:
Updated: Sat, 28 Mar 2015 08:53 AM (IST)

आप में इन दिनों चल रही कलह के बीच नित-नए खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को आप संयोजक अरविंद केजरीवाल का एक और स्टिंग ऑडियो सामने आया है। इसमें केजरीवाल, बिहार में पार्टी के सह संयोजक उमेश कुमार सिंह से बात कर रहे हैं। इसमें केजरीवाल अपने

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नई दिल्ली। आप में इन दिनों चल रही कलह के बीच नित-नए खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को आप संयोजक अरविंद केजरीवाल का एक और स्टिंग ऑडियो सामने आया है। इसमें केजरीवाल, बिहार में पार्टी के सह संयोजक उमेश कुमार सिंह से बात कर रहे हैं। इसमें केजरीवाल अपने वरिष्ठ साथियों के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए भी सुनाई पड़ रहे हैं। केजरीवाल और सिंह के बीच टेलीफोन पर हुई बातचीत का जिक्र है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का स्टिंग... शब्दश: इस प्रकार है...

उमेश: आप बाहर रहेंगे तो चीजें कैसी होंगी। आप खुद ही बताइए।

केजरीवाल: अच्छा तुम ही बताओ, तुम्हारे हिसाब से क्या करना चाहिए।

उमेश: सर चीजें कहां तक पहुंची हैं.. मुझे कुछ आइडिया नहीं लग पा रहा है। मैं एक चीज जानता हूं.... आपमें वह क्षमता है कि आप बड़ा काम कर सकते हो। और यह भी देख रहा था कि उसमें कुछ लोगों की महती भूमिका आपके साथ हो सकती है। वह योगेंद्र, प्रशांत, आनंद सब लोगों की। सब लोग आपको नेता मानते हैं, मैंने इसमें दोराय नहीं पाई है... लीडर का मतलब होता है कि वह विभिन्न धारा के लोगों को अपने साथ लेकर चले। अगर यह चीज आपने कर दी तो मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि देश में वैक्यूम है। मोदी के बस की चीज नहीं है। उसे आपने दिल्ली में हराकर दिखा दिया है। आप उससे बड़े नेता बनकर उभर सकते हैं। आप भरोसा रखिए मैं उन लोगों से भी मिलता रहा हूं, कभी भी उन लोगों ने सोचा नहीं होगा कि अरविंद को रिप्लेस करके हमें लीडर बनना है। अरविंद को आगे करके वे सपोर्ट करना चाहते हैं।

केजरीवाल: मैं इस लड़ाई-झगड़े के लिए नहीं आया था। मुझे कोई दिलचस्पी नहीं है इसमें। आप योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के साथ मिलकर काम कीजिए। आपको मेरी बहुत-बहुत शुभकामनाएं। अगर जरूरत पड़ी तो मैं आम आदमी पार्टी छोड़कर अलग पार्टी बनाने की सोच रहा हूं। आप लोग संभालिए आम आदमी पार्टी को। बहुत अच्छी टीम है। प्रोफेसर आनंद कुमार... पिछले चार दिन में प्रोफेसर आनंद कुमार और अजीत झा ने जो कमीनपंथी की है। मतलब इतना कमीना... उन्होंने कहा आरटीआइ लागू करो, हमने कहा ठीक है हम तैयार हैं। कार्यकर्ताओं की सहभागिता, हमने उनकी सारी बातें मान लीं। अब कल वे कहते हैं, ये तो हम बार्गेनिंग कर रहे थे।

इसके बाद केजरीवाल और भड़क जाते हैं

केजरीवाल:... इतने कमीने हो तुम लोग... क्या बार्गेनिंग कर रहे हो तुम लोग... इतने घटिया किस्म के इंसान हो तुम लोग... जो कम क्षमता वाली हमारी टीम कह रहे हो ना, यह प्योर आदमी हैं हमारे। हमारे में क्षमता कम हो सकती है, लेकिन हम दिल के काले नहीं हैं। ये लोग दिल के काले और ये लोग एक नंबर के कमीने लोग हैं। तो आपको शुभकामनाएं उमेश।

उमेश: सर ऐसा मत समझिए

केजरीवाल: सुनिए सुनिए...मेरे को इसके ऊपर और कोई चर्चा नहीं करनी है। अब यह देख लेते हैं कि क्या करना है। नहीं तो मैं अपने 67 विधायक लेकर अलग हो जाऊंगा। आप लोग चलाइए आम आदमी पार्टी। मुझे कोई लेना-देना नहीं है।

उमेश: सर प्लीज... देखिए यह मेरी आपकी बात नहीं है। बात पूरे देश की है।

केजरीवाल: यह क्या तमाशा है आपका कि सारे मिलकर चलो। उनसे मिलकर बात करो न... उन सालों ने हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। तुम्हारी अच्छी टीम जो कह रहे हो, उन्होंने हराने में कोई कसर नहीं छोड़ी दिल्ली चुनाव के अंदर... उनको साथ लेकर चलें... किसी और पार्टी में होते तो उनके पीछे... लात मारकर पार्टी से बाहर निकाल लेते सालों को। कमीने लोग हैं वे एक नंबर के। तुम्हें पता नहीं है वे क्या हैं।

उमेश: सर इतना नजदीक से तो मैं नहीं देख पा रहा हूं।

केजरीवाल: तो मत बोलिए अगर नहीं देख पा रहे हैं तो। ठीक है।

[नोट: इस स्टिंग की सत्यता की जिम्मेदारी दैनिक जागरण की नहीं है।]

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