यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
रेल यात्रियों को उनकी डिमांड पर ट्रेनों में मिलेगा बर्थ आरक्षण
भारतीय रेलवे द्वारा मनाए जा रहे हमसफर सप्ताह के दौरान रविवार को गोरखपुर आए रेल राज्यमंत्री ने ये बातें कही।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने कहा है कि रेलवे के लिए अहम पूर्वोत्तर रेलवे जोन में तेजस-हमसफर और उदय जैसी खास ट्रेनें तो चलेंगी ही, यात्री सुविधाओं में भी बढ़ोतरी की जाएगी। वर्ष 2020 तक मालगाडि़यों का संचलन भी समय-सारिणी के आधार पर किया जाएगा। यात्रियों के लिए ऑन डिमांड रिजर्वेशन सुविधा मुहैया कराने की भी तैयारी चल रही है।
भारतीय रेलवे द्वारा मनाए जा रहे हमसफर सप्ताह के दौरान रविवार को गोरखपुर आए रेल राज्यमंत्री ने ये बातें कही। उन्होंने कहा कि 2020 तक रेलवे में ऐसी व्यवस्था लागू हो जाएगी, जिससे यात्रियों को आन डिमांड बर्थ रिजर्वेशन मिल सके। उन्होंने बताया कि जिन ट्रेनों में 24 से कम कोच हैं, उनमें तैयारी है कि न्यूनतम दो और अधिकतम चार कोच दीनदयाल योजना के अंतर्गत अनारक्षित श्रेणी के कर दिए जाएं।
फिलहाल रेलवे में नेटवर्क विस्तार की समस्या बेहद जटिल है। इसे सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। गोरखपुर-गोंडा रेल लाइन विद्युतीकरण कार्य पूरा होने में हो रही देरी को स्वीकार करते हुए सिन्हा ने आश्र्वस्त किया कि हर हाल में जुलाई तक यह काम पूरा हो जाएगा।
रेलवे में बढ़ा निवेश, यूपी प्राथमिकता में
रेल राज्यमंत्री ने बताया कि अब तक रेलवे में औसतन 48 हजार करोड़ रुपये का निवेश होता था, लेकिन गत वर्ष नरेंद्र मोदी सरकार ने यह राशि बढ़ाकर एक लाख हजार करोड़ और इस वर्ष 121 लाख करोड़ रुपये कर दिया है। उत्तर प्रदेश को रेलवे की प्राथमिकता में बताते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि पहले यहां 1000 हजार करोड़ रुपये का निवेश होता था, लेकिन पिछली बार हमने इसे बढ़ाकर 4300 करोड़ और इस बार 5000 हजार करोड़ रुपये कर दिया है। इसके बाद कुशीनगर पहुंचे रेल राज्यमंत्री ने पत्रकारों को बताया कि केंद्र सरकार कुशीनगर को रेल मार्ग से जोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगले वर्ष के रेल बजट में इसके लिए धन की स्वीकृति हो जाएगी।

