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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गृहमंत्री ने लिया घाटी के सुरक्षा हालातों का जायजा, महबूबा से भी की मुलाकात

By kishor joshiEdited By:
Published: Sat, 23 Jul 2016 11:23 PM (GMT+05:30)Updated: Sun, 24 Jul 2016 07:57 AM (GMT+05:30)

अपनी दो दिवसीय यात्रा के तहत कश्मीर पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार शाम राज्यपाल एनएन वोहरा और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ बैठक की।

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श्रीनगर (जेएनएन)। कश्मीरियों के जख्म पर मरहम लगाने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह दो दिन के दौरे पर शनिवार को श्रीनगर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों व अद्र्धसैनिकबलों के अधिकारियों से जहां सुरक्षा परिदृश्य पर चर्चा की। वहीं, शाम को राज्यपाल एनएन वोहरा और महबूबा मुफ्ती के साथ राज्य के हालात को सामान्य बनाने पर बात की।

इससे पूर्व विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों ने भी गृहमंत्री से मुलाकात की, लेकिन सभी दस प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने राजनाथ से मिलने से इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि कश्मीरी आजादी मांग रहे हैं, रोजगार नहीं। इसलिए राजनाथ को हुर्रियत व राजनीतिक दलों से मुलाकात करनी चाहिए।

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वहीं, राजनाथ अपने दौरे के दूसरे दिन दक्षिण कश्मीर के कुछ इलाकों का दौरा करने के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक में कश्मीर के हालात की समीक्षा करेंगे। रविवार को वह मुख्यधारा के विभिन्न राजनीतिक दलों से मिलेंगे, लेकिन प्रदेश कांग्रेस ने उनसे मिलने से इन्कार कर दिया है। अलबत्ता, महबूबा मुफ्ती की सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार करने वाली नेकां राजनाथ से मुलाकात को तैयार है।

वादी में आठ जुलाई को आतंकी कमांडर बुरहान की मौत के बाद पिछले पंद्रह दिनों से बंद व कफ्र्यू के बीच जारी हिंसा में 51 लोग मारे जा चुके हैं और तीन हजार से ज्यादा जख्मी हैं। स्थिति को सामान्य बनाने में सभी वर्गों को शामिल करने के इरादे से ही गृहमंत्री राजनाथ सिंह सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे नई दिल्ली से श्रीनगर पहुंचे। नेहरू गेस्ट हाउस में उन्होंने महबूबा सरकार में शामिल भाजपा के मंत्रियों से मुलाकात की। कुछ उलमा और कुछ होटल मालिक, शिकारा और हाउसबोट वालों सहित 60 से ज्यादा लोग गृहमंत्री से मिले और राज्य के हालात पर चर्चा की। जबकि उम्मीद के विपरीत कश्मीर चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज, कश्मीर इकोनामिक एलायंस, फेडरेशन चैंबर इंडस्ट्री कश्मीर, हाउसबोट ओनर्स एसोसिएशन, कश्मीर ट्रेडर्स एंड मेनुफेक्चर्स एसोसिएशन समेत कश्मीर के सभी प्रमुख व्यापारिक संगठनों ने गृहमंत्री से मुलाकात से इन्कार कर दिया।

अलबत्ता, पर्यटन महानिदेशक फारूक शाह के नेतृत्व में कुछ होटल व्यावसायी और व्यापारी केंद्रीय गृहमंत्री से मिलने गए, लेकिन उन्होंने किसी से कोई बात नहीं की और न मीडिया के सामने आए। गृहमंत्री से मिलने पहुंचे मौलवी और इमाम भी स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस में ही नेहरू गेस्ट हाउस के भीतर पहुंचे थे।


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कांग्रेस चाहे सर्वदलीय दौरा

रविवार को दिल्ली लौटने से पहले राजनाथ मुख्यधारा के विभिन्न राजनीतिक दलों से मिलने वाले हैं। इसके लिए सभी प्रमुख दलों को निमंत्रण भेजा जा चुका है, लेकिन प्रदेश कांग्रेस ने इसे ठुकरा दिया है। प्रदेश कांग्रेस प्रमुख जीए मीर ने कहा कि हमें उम्मीद थी केंद्र सरकार यहां कोई सर्वदलीय दल भेजेगी, कश्मीरियों के जख्मों पर मरहम के लिए कोई राहत का एलान होगा। लेकिन कुछ नहीं हुआ। इसलिए हमने गृहमंत्री से न मिलने का फैसला किया है।

प्रमुख विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस के महासचिव अली मुहम्मद सागर ने कहा कि हमने सर्वदलीय बैठक का बहिष्कार किया था। लेकिन हम केंद्रीय गृहमंत्री से मिलकर उन्हें रियासत के हालात खराब होने के असली कारण व अमन बहाली का अपनी तरफ से सही रास्ता बताएंगे। माकपा महासचिव मुहम्मद यूसुफ तारीगामी ने कहा कि हम भी रविवार की सुबह दस-ग्यारह बजे के करीब गृहमंत्री से मिलेंगे। हमारा मकसद कश्मीर में अमन और कश्मीर मसले का हल है। इसके लिए सभी प्रयास करेंगे।

राज्यपाल व महबूबा से मिले राजनाथ

केंद्रीय गृहमंत्री ने शाम को राज्यपाल एनएन वोहरा के साथ करीब एक घंटा बैठक कर राज्य के आंतरिक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा कर हालात सामान्य बनाने के विभिन्न उपायों पर विचार-विमर्श किया। सूत्रों के अनुसार बैठक में वादी के मौजूदा हालात को शांत करने, भविष्य में ऐसे हालात को रोकने और अलगावववादी तत्वों पर लगाम लगाने के विभिन्न उपायों पर बात हुई है। इस दौरान मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी राजनाथ से मुलाकात की।

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इससे पहले राजनाथ ने केंद्रीय खुफिया एजेंसियों, केंद्रीय अर्द्धसैनिकबलों व राज्य पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर हालात का जायजा लिया। इसी बैठक में उन्होंने वादी के अपेक्षाकृत शांत इलाकों से कफ्र्यू को जल्द हटाने के निर्देश दिए। इससे पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री से कश्मीरी पंडित संघर्ष समिति के अध्यक्ष संजय टिक्कू, शिकारवाला एसोसिएशन, सेवानिवृत आइएएस एसोसिएशन के प्रतिनिधियों, पूर्व नौकरशाह मुहम्मद शफी पंडित व खुर्शीद अहमद गनई के अलावा पीडीपी के युवा नेता वहीदुर्रहमान पारा व अन्य पीडीपी नेता भी मिले।

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