यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 29, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
युद्ध के परिणाम घातक होंगे, संयम बरतें दोनों देश : महबूबा
मुख्यमंत्री ने कहा है कि जम्मू कश्मीर ने बहुत नुकसान झेला है। राज्य के निवासियों के लिए इस समय सीमाओं का शांत रहना बहुत जरूरी है। ...और पढ़ें

राज्य ब्यूरो, जम्मू। मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा कि भारत-पाकिस्तान में युद्ध बड़ी त्रासदी का कारण बन सकता है , ऐसे में दोनों देश संयम बरत कर हालात को सामान्य बनाएं। गुलाम कश्मीर में आतंकवादी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि दोनों देशों में बढ़ रहे तनाव को कम करने की दिशा में कार्रवाई नही की गई तो दोनों और खून खराबा होगा। ऐसे में नई दिल्ली व इस्लामाबाद आपस में संपर्क स्थापित करें ताकि स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि जम्मू कश्मीर ने बहुत नुकसान झेला है। राज्य के निवासियों के लिए इस समय सीमाओं का शांत रहना बहुत जरूरी है। ऐसे में दोनो देशों का नेतृत्व युद्ध को टालने की दिशा में कदम उठाए। छह दशकों से चली आ रही दुश्मनी के परिणाम इस समय बहुत घातक हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कै कि परमाणु दौर में बातचीत और भी महत्व रखती है, ऐसे में परमाणु हथियारों से लैस दोनों पड़ौसी देशों को चाहिए कि दुश्मनी बढ़ाने के बजाए एक दूसरे को विकसित होने में सहयोग दें।
दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के दिसंबर 2015 में इस्लामाबाद में संयुक्त बयान का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें दोनो देशों में तनाव का कारण बनने वाले मुद्दों पर बातचीत पर जोर दिया गया था। बातचीत के अलावा कोई विकल्प नही है। युद्ध लडऩे के बाद भी दोनों देश बातचीत के लिए मेज पर आए हैं। ऐसे में यह दोनों देशों के हित में होगा कि वे दोनों अपने मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत का सहारा लें। दोनों देशों के नेतृत्व को शांति को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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