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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

विश्व हिंदू परिषद चाहता है गाय के लिए मोदी सरकार बनाए अलग मंत्रालय

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Thu, 16 Jun 2016 12:12 PM (IST)

मोदी सरकार को चुनावी वादे याद दिलाते हुए उनसे अलग गाय संरक्षण के लिए मंत्रालय बनाने को कहा गया है।

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नई दिल्ली। गाय के संरक्षण के लिए विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) चाहता है कि मोदी सरकार एक अलग मंत्रालय का गठन करे। इसके लिए वीचपी ने सरकार से एक समय-सीमा भी निर्धारित करने की मांग की है। भारतीय गोवंश रक्षण संवर्धन परिषद ने मोदी सरकार को उसके चुनावी वादे कि सरकार में आने पर गोवंश संरक्षण किया जाएगा को याद दिलाते हुए यह नई मांग रखी है। वीएचपी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से जुड़ा हुआ एक संगठन है जो लगातार गाय की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठाता रहता है।

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गौमांस खाना उस वक्त एक बड़ा विवादास्पद मुद्दा हो गया जब कुछ समूहों ने सामने आकर खुलेआम गौहत्या करने के आरोपियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। कई भाजपा शासित प्रदेशों में गौहत्या को रोकने और इसकी मांस पर पाबंदी लगाने के लिए सख्त कानून बनाए गए। हालांकि, इसके बाद कार्यकर्ताओं और राजनीतिक विरोधियों ने सरकार पर मुस्लिम, ईसाई और दूसरे समुदाय के लोगों के साथ सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया जो इनका मांस खाते हैं।

हिदुस्तान टाइम्स की ख़बर के मुताबिक, गौ संरक्षण संगठन से जुड़े लोगों ने यह बताया कि गौहत्या पर पूरी तरीके से पाबंदी और गौमांस पर बिक्री और गाय के भारतीय नस्ल को बचाने के लिए इसको लेकर अलग मंत्रालय का बनना बेहद जरूर हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि जैसे अलग से गंगा पुनरुद्धार के लिए मंत्रालय का गठन किया गया ठीक वैसा ही गाय के लिए होना चाहिए।

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उन्होंने आगे बताया कि गाय संरक्षण का मुद्दा मॉनसून सत्र के दौरान भी उठाया जाएगा। इसके लिए बकायदा सांसदों से कहा गया है कि वो संसद में इस आवाज़ को उठाएं। हालांकि, ऐसा प्रयास पिछली बार भी किया गया था लेकिन उसमें कोई ख़ास कामयाबी नहीं मिल पायी थी।