यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 27, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
धमाकों के लिए भारत में निर्मित कलपुर्जों का प्रयोग कर रहा है ISIS: रिपोर्ट
एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि आतंकी संगठन आईएस ने आईईडी बनाने के लिए भारतीय कंपनियों में निर्मित कलपुर्जों का इस्तेमाल किया था।

नई दिल्ली। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) ने घातक विस्फोटक उपकरणों (आईईडी) को बनाने के लिए भारतीय कंपनियों द्वारा निर्मित कलपुर्जों का इस्तेमाल किया था। इस बात का खुलासा स्वतंत्र समूह ‘कॉनफ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च’ की एक जांच रिपोर्ट में हुआ है।
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टीओआई की खबर के अनुसार, सोमवार को लोकसभा में गृह राज्य मंत्री हरिभाई पारथीभाई चौधरी ने बताया, "सीएआर ने अपनी रिपोर्ट में ऐसे जिन सभी कलपुर्जों का जिक्र किया है, उन्हें कानूनी के हिसाब से भारत से लेबनान और तुर्की जैसे देशों को एक व्यापारिक सौदे के तहत निर्यात किया गया था।" उन्होंने कहा, "सीएआऱ की रिपोर्ट के अनुसार, रिपोर्ट में इस बात के कोई सबूत नहीं है कि कि कंपनियों ने प्रत्यक्ष तौर पर ये कलपुर्जे आईएस को सौंपे।"
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चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि ‘कॉनफ्लिक्ट आर्मामेंट रिसर्च’एक ऐसी स्वतंत्र संस्था है जिसे यूरोपीय यूनियन द्वारा मान्यता दी गई है, जो हथियारों की आपूर्ति और संबंधित विषयों की जांच करती है। उन्होंने जानकारी दी, "सीएआर ने 2014 से 2016 के दौरान आईएस द्वारा आईईडी बनाने के लिए प्रयोग किए जाने वाले 700 कलपुर्जों का अध्ययन किया था। रिपोर्ट इस बात की ओर ईशारा करती है कि आईएस द्वारा हासिल किए गए डेटोनेटर, डेटोनेटिंग कार्ड्स और सेफ्टी फ्यूज जैसे कुछ कलपुर्जों की आपूर्ति अन्य देशों के अलावा सात भारतीय कंपनियों द्वारा भी की गई है।"

