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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 28, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केजरी हटें, योगेंद्र बनें आप के संयोजक : शांति भूषण

By T empEdited By:
Updated: Sat, 28 Feb 2015 08:23 PM (IST)

दिल्ली विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बावजूद आम आदमी पार्टी की अंदरूनी कलह खत्म होती नजर नहीं आ रही। वरिष्ठ पार्टी नेताओं के निशाने पर कोई और नहीं मुख्यमंत्री व पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल हैं। पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने केजरीवाल

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इलाहाबाद जागरण संवाददाता। दिल्ली विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बावजूद आम आदमी पार्टी की अंदरूनी कलह खत्म होती नजर नहीं आ रही। वरिष्ठ पार्टी नेताओं के निशाने पर कोई और नहीं मुख्यमंत्री व पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल हैं। पार्टी के संस्थापक सदस्य एवं पूर्व कानून मंत्री शांति भूषण ने केजरीवाल से पार्टी संयोजक पद छोड़ने की मांग उठाई है।

व्यक्तिगत कार्य के लिए इलाहाबाद आए शांति भूषण ने 'दैनिक जागरण' से कहा कि पार्टी में कोई भी व्यक्ति दो पद पर नहीं रह सकता है। अरविंद दिल्ली के मुख्यमंत्री बन गए हैं, ऐसे में संयोजक का पद योगेंद्र यादव को मिलना चाहिए। इस पद के लिए वही सबसे उपयुक्त नेता हैं।दिल्ली में मिली जीत पर कहा कि अरविंद ने मायावती व मुलायम सिंह की तर्ज पर चुनाव लड़ा। तानाशाही रवैया अपनाते हुए 'आप' का संविधान ताक पर रख दिया। चुनाव जीतने के लिए मुफ्त पानी, बिजली जैसे कई अनाप-शनाप वादे किए गए। कुछ गलत छवि वाले नेताओं को टिकट दिया गया।

शांति भूषण ने कहा कि आप में कई गलत लोगों का प्रवेश हो गया है। वह अरविंद केजरीवाल के इशारे पर नाच रहे हैं। स्थिति यह है कि पार्टी को खड़ा करने वाले योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण जैसे नेताओं को किनारे किया जा रहा है। शाजिया इल्मी जैसे कई नेताओं को पहले ही बाहर कर दिया गया। शांति भूषण ने अरविंद केजरीवाल के दिल्ली से बाहर चुनाव नहीं लड़ने के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि हमने सत्ता में आने के लिए पार्टी नहीं बनाई थी। यह जनांदोलन है, जिसका मकसद सामाजिक, राजनीतिक शुचिता की स्थापना करना था। पार्टी केवल अरविंद को मुख्यमंत्री बनाने के लिए ही नहीं बनी है।

'आप' का फैलाव देशव्यापी होना चाहिए। मोदी सरकार की तारीफ करते हुए शांति भूषण ने कहा कि उनकी नीयत साफ है। अभी तक कोई बड़ा घोटाला सामने नहीं आया। मोदी तकनीक के जरिए देश का विकास करना चाहते हैं जो अच्छी बात है। परंतु भू-अधिग्रहण बिल में बदलाव करना चाहिए, क्योंकि यह किसानों के हित में नहीं है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-बीजेपी की सरकार का स्वागत किया। कहा कि इससे वहां के लोगों का विश्वास जीता जा सकता है, बीजेपी ने धारा 370 जैसा मुद्दा छोड़ अच्छा काम किया है।

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