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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

स्नूपगेट पर कांग्रेस आक्रामक

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Updated: Mon, 23 Jun 2014 11:11 PM (IST)

गुजरात के चर्चित स्नूपगेट मामले को केंद्र सरकार द्वारा बंद करने की खबरों के बीच कांग्रेस ने इस पर तीखा कटाक्ष किया है। पार्टी के वरिष्ठ महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकार बदलने के बाद यह स्वाभाविक ही था।

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नई दिल्ली। गुजरात के चर्चित स्नूपगेट मामले को केंद्र सरकार द्वारा बंद करने की खबरों के बीच कांग्रेस ने इस पर तीखा कटाक्ष किया है।

पार्टी के वरिष्ठ महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि सरकार बदलने के बाद यह स्वाभाविक ही था। दिग्विजय ने कहा कि 'जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का।' उन्होंने कहा कि इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गुजरात के गृह राज्य मंत्री रहे अमित शाह दोनों पर प्राथमिक मामला बनता है। दिग्विजय ने कहा कि इस मामले में टेलीग्राफ एक्ट और सूचना तकनीक कानून का उल्लघंन किया गया था। इसके आधार पर पिछली सरकार ने जांच के आदेश दिए थे, लेकिन नई सरकार इसे समाप्त करने जा रही है।

पार्टी प्रवक्ता शोभा ओझा ने इस मामले पर मोदी सरकार को घेरते हुए उसे महिला सुरक्षा पर दोहरा रवैया अपनाने वाली करार दिया। ओझा ने कहा कि एक तरफ सरकार इस मामले को बंद कर रही है जबकि निहाल चंद जैसे लोगों को बचा रही है। ऐसे में उसका महिला सुरक्षा की बात करना दिखावा है। ओझा ने कहा कि सरकार ने जिस आयोग को भंग किया है वह न सिर्फ गुजरात जासूसी कांड की पड़ताल कर रहा था बल्कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की जासूसी से जुडे़ मामले और वित्त मंत्री अरुण जेटली के फोन टैपिंग मामले की जांच भी कर रहा था। ओझा ने इस मामले पर गुजरात सरकार द्वारा गठित जांच आयोग के तर्क को खारिज करते हुए कहा कि उसका कार्यकाल पिछले साल नवंबर में ही समाप्त हो गया था और अब तक उस विषय में कोई जानकारी नही आई है।

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