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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

छात्र यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा का करेंगे बहिष्कार

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Updated: Mon, 04 Aug 2014 11:06 AM (IST)

राजधानी के विभिन्न इलाकों में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा का बहिष्कार करने का फै ...और पढ़ें

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नई दिल्ली, राज्य ब्यूरो। राजधानी के विभिन्न इलाकों में संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा का बहिष्कार करने का फैसला किया है। छात्रों का कहना है कि यदि 24 अगस्त को सरकार बिना सीसैट में संशोधन किए या इसके मूल स्वरूप हो हटाए परीक्षा कराती है तो हम इस परीक्षा का बहिष्कार करेंगे। यह निर्णय केवल दिल्ली में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों का ही नहीं है, बल्कि उन छात्रों का भी है जो देश के विभिन्न हिस्सों में रहकर इसकी तैयारी कर रहे हैं।

सीसैट के खिलाफ छात्रों की जबरदस्त प्रतिक्रिया सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी आ रही है। छात्र सीसैट के बहिष्कार के लिए तेजी से एकजुट हो रहे हैं। छात्रों का एक बड़ा समूह फेसबुक पर 'छात्र अधिकार मंच' के नाम से गु्रप चलाता है। इसमें सब अपनी राय दे रहे हैं। साथ ही छात्र बार-बार अ¨हसक आंदोलन की अपील कर रहे हैं।

यूपीएससी परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र दुर्ग विजय गुप्ता ने बताया कि लोगों के बीच भ्रम फैलाया जा रहा है कि यह केवल ¨हदी भाषी छात्रों की लड़ाई है और ये छात्र ¨हसक आंदोलन चला रहे हैं, जो कि गलत है। यह आंदोलन दक्षिण भारत में भी चल रहा है और विभिन्न मंचों पर दक्षिण भारतीय सांसद आकर सीसैट के खिलाफ अपनी आवाज उठा चुके हैं। छात्र अनूप ने कहा कि सरकार लगातार आश्वासन दे रही है, लेकिन इसके लिए वह ठोस कदम नहीं उठा रही है।

छात्र अरविंद का कहना है कि हम छात्रों से अपील कर रहे हैं कि वह शांति बनाए रखें और प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सीधे उनसे हस्तक्षेप की मांग करें। हजारों की संख्या में छात्रों ने इसके लिए सहमति जताई है। हमारे पास प्रारंभिक परीक्षा के बहिष्कार के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में देश भर के छात्र इसमें हमारा साथ दे रहे हैं।

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