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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 06, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दुबई में भटक रहे इस शख्स के लिए सुषमा बनीं देवदूत, भारत वापस लौटा

By Kishor JoshiEdited By:
Updated: Tue, 06 Dec 2016 03:50 PM (IST)

सुषमा स्वराज ने एक ऐसे शख्स की भारत आने में मदद की है जो पिछले दो सालों से वहां कोर्ट के चक्कर लगा रहा था।

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नई दिल्ली (जेएनएन)। सुषमा स्वराज तमिलनाडु के रहने वाले एक ऐसे व्यक्ति को भारत लाने में कामयाब हुईं हैं जो दो सालों तक दुबई की एक कोर्ट के चक्कर लगाता रहा। वो अपने घर लौटना चाहता था लेकिन उसे फ्लाइट का टिकट नहीं मिल रहा था।

इसके लिए वो दो साल तक हर रोज 50 किमी पैदल चलकर कोर्ट जाता और लौटता, इस तरह उसे कुल एक हजार किमी चलकर भी सफलता नहीं मिली। किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अस्पताल में भर्ती विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को जैसे ही इसकी खबर मिली उन्होंने तुरंत दुबई में भारतीय दूतावास को निर्देश दिए और एक हफ्ते के अंदर यह व्यक्ति भारत लौट आया।

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सुषमा स्वराज ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने लिखा है कि हम उसे भारत ले आए हैं और उसके गांव पहुंचा दिया है।

20 बार गया कोर्ट, 1 हजार किमी चला

जानकारी के अनुसार 48 वर्षीय जगन्नाथन सेल्वाराज दुबई के सोनापुर में रहकर काम करता था। वहां के स्थानीय अखबार ने उसे लेकर खबर प्रकाशित की थी कि सेल्वाराज की मां का देहांत हो गया था और उसे भारत आकर मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने की अनुमति नहीं मिल पाई। इसके बाद मामला कारमा जिले की कोर्ट पहुंचा जो सोनापुर से 22 किमी दूर स्थित है।

हालांकि सोनापुर से कोर्ट तक जाने के कुछ ही दिरहम लगती थीं लेकिन पैसों की कमी के चलते सेल्वाराज सुनवाई के लिए हाईवे पर पैदल चलकर कोर्ट पहुंचता। दो साल तक चले इस मामले की सुनवाई के लिए उसे 20 बार पैदल कोर्ट तक आना जाना पड़ा जिसमें उसे चार घंटे से ज्यादा लगते थे। आखिरकार सुषमा स्वराज की कोशिशें रंग लाई और जगन्नाथन अपने घर लौट आए हैं।

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(साभार- नई दुनिया)