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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तीस्ता के NGO का FCRA लाइसेंस कैंसिल, जावेद ने कहा हैरानी नहीं

By Sanjeev TiwariEdited By:
Updated: Fri, 17 Jun 2016 08:27 AM (IST)

नागरिक अधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ के गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) 'सबरंग ट्रस्ट' का एफसीआरए लाइसेंस रद कर दिया।

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नई दिल्ली, प्रेट्र। सबरंग ट्रस्ट का एफसीआरए लाइसेंस रद्द करने के बाद तीस्ता सीतलवाड़ के पति जावेद आनंद ने कहा कि सरकार के इस फैसले से उन्हें कोई हैरानी नहीं हुई है, बल्कि वो इस बात से हैरान हैं कि आखिरकार कार्रवायी करने में गृह मंत्रालय ने इतनी देर कैसे लगा दी।

जावेद आनंद ने कहा, “उन्होंने कारण बताओ नोटिस के विस्तृत जवाब दिया था जिसमें हर आरोप को चुनौती दी थी। हमने उन से यह अपील की थी कि व्यक्तिगत तौर पर इस केस की सुनवाई करें। लेकिन इस केस में हमें दस मिनट का भी समय नहीं दिया गया।”

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने गुरुवार को नागरिक अधिकार कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति जावेद आनंद के गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) 'सबरंग ट्रस्ट' का एफसीआरए लाइसेंस रद कर दिया। इस तरह एनजीओ के विदेशों से धन प्राप्त करने पर प्रतिबंध लग गया है। इससे पहले दो जून को 'लॉयर्स कलेक्टिव' नामक एनजीओ पर भी सरकार ने विदेशों से धन हासिल करने पर छह महीने के लिए रोक लगा दी थी। इसमें पूर्व एडीशनल सॉलिसटर जनरल (एएसजी) इंदिरा जयसिंह सचिव हैं और एफसीआरए उल्लंघन मामले में वह तीस्ता की वकील रह चुकी हैं।

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गृह मंत्रालय से जारी आदेश में कहा गया है कि फॉरेन कांट्रीब्यूशन (रेगुलेशन) एक्ट (एफसीआरए) लाइसेंस के तहत प्राप्त विदेशी धन का एनजीओ ने उस उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया, जिसके लिए उसे प्राप्त किया था। निरीक्षण के दौरान गृह मंत्रालय ने पाया कि विदेशी धन का इस्तेमाल ज्यादातर व्यक्तिगत खर्चो, जैसे- होटलों में खाना, प्रतिष्ठित दुकानों से केक, मिठाई और खाना मंगवाना, व्यक्तिगत वस्तुओं की खरीदारी (ईयर बड्स, वेट वाइप्स, क्लिपर्स, सेनेटरी नैपकिन्स) इत्यादि के लिए किया गया। इन खर्चो का पुनर्भुगतान ट्रस्टी तीस्ता और जावेद को एफसीआरए अकाउंट से किया गया। यही नहीं, 'सबरंग ट्रस्ट' ने 50 लाख रुपये की राशि सबरंग कम्यूनिकेशन एंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड (एससीपीपीएल) पर भी खर्च की। तीस्ता और जावेद इस कंपनी में निदेशक, सहायक संपादक, मुद्रक और प्रकाशक हैं। गृह मंत्रालय के मुताबिक, ट्रस्ट का यह कृत्य साफ तौर पर एफसीआरए प्रावधानों का उल्लंघन है।

विदेश से धन प्राप्त करने वाले खाते से एनजीओ ने 2.46 लाख रुपये सबरंग ट्रस्ट के घरेलू खाते में स्थानांतरित किए। घरेलू और विदेशी धन के इस मिश्रण से भी नियमों का उल्लंघन हुआ। विदेश से धन प्राप्त करने वाले खाते से ट्रस्ट ने तीस्ता और जावेद के क्रेडिट कार्ड का सिटी बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को करीब 12 लाख रुपये का सीधा भुगतान किया। चूंकि यह कार्ड व्यक्तियों के नाम पर जारी हैं इसलिए विदेशों से प्राप्त धन से इसके भुगतान को व्यक्ति उपयोग माना गया।