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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 10, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

देश में हुए इन दस बड़े अग्निकांडों ने सभी को चौंका दिया था

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Sun, 10 Apr 2016 09:25 PM (IST)

कोल्लम के पुत्तिंगल मंदिर हादसे के बाद एक बार फिर से आग लगने से हुए हादसों की वजहों पर बहस शुरू हो गई है। ऐसे दस बड़े हादसों पर एक नजर

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नई दिल्ली। कोल्लम के पुत्तिंगल मंदिर हादसे के बाद एक बार फिर से आग लगने से हुए हादसों की वजहों पर बहस शुरू हो गई है। हालांकि केरल में इस तरह का हादसा कोई नया नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के हादसे वहां पर होते रहे हैं। आईए एक नजर देश में हुए दस बड़े आग हादसों पर डालते हैं:-

- कोलकाता में फरवरी, 2013 में बहुमंजिला मार्केट परिसर में आग से 19 लोगों की मौत ,अनेक गंभीर रूप से घायल ।
- तमिलनाडु में सितंबर, 2012 में शिवकाशी के पास पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट ,54 मरे ,78 घायल।

दिशा-निर्देशों को ताक पर रखकर पुत्तिंगल मंदिर में हो रही थी आतिशबाजी

- दिल्ली में 13 जून, 1997 को उपहार सिनेमा में आग, 59 लोगों की मौत, 103 जख्मी।
- कोलकाता में दिसंबर,2011 में एएमआरआइ अस्पताल में आग और कार्बन मोनोऑक्साइड फैलने से 89 मरे।
- बिहार के खुसरोपुर गांव में सितंबर, 2005 में तीन अवैध पटाखा फैक्ट्रियों में आग से 35 की मौत, 50 घायल

-मेरठ के विक्टोरिया पार्क में अप्रैल, 2004 में ब्रैंड इंडिया मेले में भीषण आग से सौ लोगों की मृत्यु। -तमिलनाडु के तंजावुर जिले के कुंभकोणम में जुलाई, 2004 में एक स्कूल में आग से 94 बच्चों की मृत्यु।

- आगरा में 26 जून, 2002 को जूता फैक्टरी में आग , 42 की जान गई।
- ओडिशा के बारीपदा जिले में धार्मिक समारोह में आग, 206 मरे , 148 घायल।

- हरियाणा में सिरसा जिले के मंडी डबवाली में 23 दिसंबर, 1995 को एक स्कूल के समारोह में आग लगने से चार सौ से अधिक लोगों की मौत, इनमें अधिकतर बच्चे थे।

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