यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 07, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अनोखा मामला जब दफनाने से ठीक पहले गूंज उठी बच्ची की किलकारी
परिजन जब उस नवजात शिशु का शव लेकर दफनाने पहुंचे तभी बालिका के शरीर में हरकत हुई और किलकारी गूंज उठी।

अभी कुछ दिन पहले मध्य प्रदेश के दमोह जिले में डॉक्टरों की लापरवाही की एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। यहां सरकारी अस्पताल में जन्मी एक बच्ची को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। लेकिन जब उस बच्ची को दफनाने के लिए जा रहे थे तो दफनाने से ठीक पहले उसकी किलकारी गूंजने लगी। नवजात बच्ची को फिर से अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टर उसका इलाज कर रहे हैं।
मडिय़ादो में रहने वाली मीना आठ्या ने एक बच्ची को जन्म दिया था, कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजन जब उस नवजात शिशु का शव लेकर दफनाने पहुंचे तभी बालिका के शरीर में हरकत हुई और किलकारी गूंज उठी। नवजात शिशु को दोबारा अस्पताल लाया गया जहां आईसीयू में उसका इलाज चल रहा है।
सिविल सर्जन डा. अग्रवाल ने बताया कि नवजात शिशु 20 सप्ताह का है और उसका वजन भी बहुत कम लगभग 540 ग्राम है। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर ने डा.अग्रवाल को बताया कि जब मीना आठ्या ने बच्ची को जन्म दिया था, तब उसके शरीर में न तो कोई हरकत थी और न ही सांस चल रही थी, लिहाजा उसे मृत घोषित करते हुए शव परिजनों को सौंप दिया था। बच्ची को दोबारा आईसीयू में भर्ती कराया गया और इस मामले में हुई लापरवाही के जांच के आदेश भी दिये गये।

