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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 02, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

...जब हेडमास्टर को आया गुस्सा तो अध्यापक को दे मारा मुक्का!

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Updated: Fri, 03 Jun 2016 12:33 PM (IST)

गुस्सा क्या-क्या नहीं करा सकता है इसका ताजा उदाहरण इस बार देखने को मिला है जहां पर एक प्रधानाध्यापक ने जरा सी बात पर शिक्षक के मुक्का जड़ दिया।

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कभी-कभी गुस्से में मर्यादा तार-तार हो जाती है और जब बात शिक्षक की हो तो स्थिति और चिंताजनक हो जाती है। मंगलवार को दौसा जिले के पीपली पातलवास गांव के स्कूल में कुछ ऐसे ही हालात बने जब एक प्रधानाध्यापक ने अपने स्कूल के ही शिक्षक के मुक्का मार दिया।

प्रधानाध्यापक द्वारा एक शिक्षक की गर्दन पर घूंसा (मुक्का) मारने का मामला सामने आया है। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने विद्यालय पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। घटना को लेकर पीडि़त शिक्षक महेन्द्रप्रसाद शर्मा एवं ग्रामीणों ने बीईईओ को ज्ञापन देकर प्रधानाध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

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रजिस्टर में हस्ताक्षर को लेकर अड़ गए दोनों
शिक्षक ने ज्ञापन में बताया है कि वह मंगलवार सुबह आठ बजकर एक मिनट पर विद्यालय पहुुंच गया था, लेकिन इससे पहले ही प्रधानाध्यापक कजोड़मल मीना नेे हाजिरी रजिस्टर को आलमारी में रखकर उसका ताला बंद कर दिया। जब बार-बार रजिस्टर में हस्ताक्षर करने की मांग की तो प्रधानाध्यापक ने गर्दन पर घूंसा (मुक्का) मार दिया। हंगामा होते देख लोगों ने दोनों के बीच हो रही कहासुनी को शांत कराकर रजिस्टर में शिक्षक के हस्ताक्षर कराए।

मारपीट व मुक्का मारने का आरोप झूठा
प्रधानाध्याक कजोड़मल मीना ने बताया कि शिक्षक महेन्द्र प्रसाद शर्मा आठ बज कर तीन मिनट पर विद्यालय पहुंचा। उसके साथ मारपीट एवं मुक्का मारने का आरोप निराधार है। ग्रामीणों के आरोप भी झूठे हैं।

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