Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    प्रवक्ता पद जाते ही अलका को याद आया गीता ज्ञान, अब फिर बनी अंजान

    By JP YadavEdited By:
    Updated: Fri, 17 Jun 2016 08:45 AM (IST)

    दिल्ली में सत्तासीन आप लगातार विवादों में घिरती जा रही है। ताजा मामले में आप ने अपनी तेजतर्रार विधायक अलका लांबा को पार्टी प्रवक्‍ता पद से हटा दिया है ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    नई दिल्ली (जेएनएन)। एतिहासिक जीत के साथ दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी लगातार विवादों में घिरती जा रही है। ताजा मामले में आप ने अपनी तेजतर्रार विधायक अलका लांबा को पार्टी प्रवक्ता पद से हटा दिया है।

    जानिए, वह कौन सा प्रावधान है जिस पर AAP-BJP में खिंची है तलवार

    बताया जा रहा है कि उन्हें प्रवक्ता पद से दो महीने के लिए हटाया गया है। अलका ने पहले जहां मामले में ट्वीट कर पश्चाताप की बात की थी, वहीं अब उनका कहना है कि उन्हें ऐसा कोई आदेश नहीं मिला है।

    बौखलाए केजरीवाल को BJP का करारा जवाब 'AAP के एमएलए तो 5वीं पास'

    अलका लांबा में इसको लेकर ट्वीट भी किया है। ट्वीट में उन्होंने कहा, मैं पार्टी की एक अनुशासित कार्यकर्ता हूं। मैं हर फैसले का सम्मान करती हूैं। मुझसे अनजाने में भी अगर कोई गलती हुई होगी तो मैं उसका पश्चाताप जरूर करूंगी,ताकि मेरी वजह से पार्टी की भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को किसी भी तरह का कोई भी नुकसान नहीं पहुंचे।'

    इससे पहले आप विधायक अलका लांबा ने ट्वीट करके भगवतगीता में लिखी बातें दोहराई थीं, 'जो कल किसी और का था,आज तेरा है,जो तेरा है कल किसी और का होगा,यह चक्र समय की सुई के साथ घूमता ही रहता है,

    यही जीवन भी है और हकीकत भी।'

    खबरें और भी

    पंजाब विस फतह के लिए केजरी ने कसी कमर, रोज 2 घंटे सीख रहे पंजाबी

    बताया जा रहा है कि अलका लांबा ने अलका लांबा ने पार्टी लाइन से हटते हुए नामी अखबार को संवाददाता को बताया था कि प्रीमियम बस सर्विस स्कीम की निष्पक्ष जांच के लिए ट्रांसपोर्ट मंत्री गोपाल राय को मंत्रालय से हटा दिया गया है।

    ये हैं प्रशांत पटेल, जिनकी वजह से खतरे में है 21 आप विधायकों की सदस्यता

    यहां पर बता दें कि आप की विधायक ने यह जानकारी एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) के ऑफिस के बाहर दी थी। आश्चर्य की बात तो यह है कि अलका यहां पर गोपाल राय का समर्थन देने पहुंचे थी।

    उस समय आप ने गोपाल राय का मंत्रालय बदलने के पीछ उनके स्वास्थ्य कारणों का तर्क दिया था, वहीं आप विधायक अलका लांबा ने कहा था कि मुख्यमंत्री कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच चाहते थे। उन्होंने राय से पद से हटने को कहा था।

    यह कहा था अलका लांबा ने...

    प्रीमियम बस सर्विस को लेकर गोपाल राय के इस्तीफे पर अलका ने कहा था कि सरकार ने दिखाया है कि निष्पक्ष जांच हो रही है। विपक्ष एक मुद्दा बना सकता था, इसलिए अब गोपाल राय जी ट्रांसपोर्ट मंत्री नहीं हैं। जांच में दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा। हालांकि मीडिया से हमें पता चला है कि उन्होंने अपनी हेल्थ की वजह से खुद मिनिस्ट्री छोड़ने की रिक्वेस्ट की थी, क्योंकि उनका बहुत बड़ा ऑपरेशन हुआ है।

    पहले भी दे चुकी हैं विवादित बयान

    अलका लांबा इससे पहले भी कई बार अपने बयानों से पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन चुकी हैं। एक बार उन्होंने कहा था कि दिल्ली की वर्तमान सरकार पहली ऐसी सरकार है जिसके मुख्यमंत्री ने अपने मंत्री से कहा कि आप जाइए और जवाब दीजिए। FIR जब होगी तब होगी।