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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हिंदू धर्म में ही दलितों का विकास संभवः शंकराचार्य

By BhanuEdited By:
Updated: Sun, 17 Apr 2016 03:00 AM (IST)

ज्योतिष एवं द्वारिका-शारदा पीठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ने कहा कि दलितों का विकास हिंदू धर्म में रहकर ही बेहतर ढंग से हो सकता है। बौद्ध धर्म अपनाने से दलितों का विकास सिमटेगा। डॉ. भीमराव अंबेडकर के बौद्ध धर्म अपनाने के बाद दलितों का विकास सीमित हुआ है।

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हरिद्वार। ज्योतिष एवं द्वारिका-शारदा पीठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ने कहा कि दलितों का विकास हिंदू धर्म में रहकर ही बेहतर ढंग से हो सकता है। बौद्ध धर्म अपनाने से दलितों का विकास सिमटेगा। डॉ. भीमराव अंबेडकर के बौद्ध धर्म अपनाने के बाद दलितों का विकास सीमित हुआ है।
पत्रकारों से बातचीत में देहरादून में जौलीग्रांट हवाई अड्डे का नाम आदि शंकराचार्य के नाम पर रखने की मांग भी की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने राज्यपाल को पत्र भेजा है। इस पर राज्यपाल ने आश्वासन दिया कि इसके लिए वह प्रयास करेंगे।
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