विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कन्‍हैया ने स्‍मृति पर कसा तंज, मां के राज में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा

By Ramesh MishraEdited By:
Updated: Mon, 09 May 2016 12:29 PM (IST)

मदर्स डे पर जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री को पत्र लिखकर जेएनयू के हालात पर तंज कसा है।

News Article Hero Image

नई दिल्ल। मदर्स डे पर जेएनयूएसयू अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री पर तंज कसते हुए कहा है कि 'स्मृति माता की ममता के छांव तले हम बच्चे मन लगाकर पढ़ाई कर रहे हैं।' इशारे ही इशारे में उन्होंने जेएनयू के हालात को उकरते हुए लिखा है कि 'भूखे रहकर और पुलिस की बर्बरता के बावजूद बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं।' इस चिट्ठी को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया है। उन्होंने लिखा है कि आपके राज में सब कुछ ठीक नहींं चल रहा है।

AIIMS से छुट्टी मिलने के बाद कन्हैया ने तोड़ा अनशन, जारी रहेगा आंदोलन

कन्हैया ने मदर्स डे पर एक पत्र केंद्रीय स्मृति ईरानी के लिए लिखा है। इस अवसर पर उसने स्मृति ईरानी को मुबारकबाद दिया है। उसने लिखा है कि 'आपकी ममता की छाँव तले हम बच्चे मन लगाकर पढ़ने की कोशिश कर रहे हैंI भूखे रहकर और पुलिस से पिटकर भी किस तरह पढ़ाई की जाती है, यह आपके सान्निध्य में हम सफलतापूर्वक सीख रहे हैं I'

'आज एक साथी ने यह तस्वीर भेजकर एक सवाल पूछ लिया कि मोदी जी के राज में अपनी माता के अलावा गाय माता, भारत माता, गंगा माता और स्मृति माता के होते हुए भी रोहित की जान कैसे चली गई। हमारे पास कोई जवाब नहीं था, इसलिए आपसे ही पूछ रहे हैं।

JNU देशद्रोह मामला: कन्हैया कुमार और उमर खालिद को मिली सजा

'वह एंटी-नेशनल यह भी कह रहा था कि स्मृति माता के मंत्रालय से एक नहीं बल्कि अनेक चिट्ठियाँ रोहित और उनके साथियों को सज़ा दिलवाने के लिए भेजी गई थीं और आपके मंत्रालय के कारण ही रोहित को सात महीने से फ़ेलोशिप नहीं मिली थी।'

'भारत जैसे महान देश में एक माँ अपने बच्चे को आत्महत्या करने पर कैसे मजबूर कर सकती है ? एक माँ अपने बच्चों को फ़र्ज़ी वीडियो और एकतरफा जाँच समिति की रिपोर्ट के आधार पर दंड देने की प्रक्रिया को कैसे स्वीकार कर सकती है ?'

'आपके बच्चे ग्यारह दिन से भूखे रहकर आपसे यह सवाल पूछ रहे हैं, समय मिले तो जवाब ज़रूर दीजिएगा I फ़ोटो भेजने वाला मित्र आपको एंटी-नेशनलों की एंटी-रैशनल माँ कह रहा था। उम्मीद है आप अपने तार्किक उत्तर से इस आरोप को मिथ्या सिद्ध ज़रूर करेंगी।'

कन्हैया की हवाई यात्राओं से पुलिस भी दंग, फंडिंग की होगी जांच

'एक मां का दायित्व है कि वह अपने बच्चों को सही को सही और ग़लत को ग़लत कहना सिखाए, अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना सिखाए, और इसीलिए आज जेएनयू में बहुत-सी माताएँ भूख हड़ताल कर रहे बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए इस हड़ताल में शामिल होने वाली हैं। इन माताओं में 80 साल की एक माता भी शामिल हैं जो व्हीलचेयर से ही इधर-उधर जा पाती हैं। आपका भी इंतज़ार रहेगा।'