यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 21, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डेविड केमरन ने की ईयू में बनेे रहने की अपील कहा- 'Brits don’t quit'
जनमत संग्रह से पूर्व डेविड केमरन ने टीवी पर दिए संबोधन में देश की जनता से ईयू में बने रहने के लिए वोट करने की अपील की है। वह लगातार इसकी अपील कर रहे ह ...और पढ़ें

लंदन (रॉयटर)। ब्रिटेन के ईयू में बने रहने या बाहर जाने के लिए हाेेने वाले जनमत संग्रह से एक दिन पहले प्रधाानमंत्री डेविड केमरन ने जनता से अपील की है कि वह ईयू में बने रहने के लिए वोट करें। आखिरी समय में की गई इस भावुक अपील में उन्होंने कहा है कि यदि ब्रिटेनवासियों ने ईयू से बाहर जाने का फैसला लिया तो यह घातक होगा।
उनका यह बयान उस चेतावनी के बाद आया है जिसमें ईयू के देशों समेत बड़ी कंपनियों ने भी ब्रिटेन को इस घातक फैसले को लेने से पहले चेताया है। इन कंपनियों और देशों का कहना है कि यदि ब्रिटेन ने ईयू से बाहर जाने का फैसला लिया तो इसके लिए उसे बड़ी कीमत चुकानी होगी और वह विकास की राह में पिछड़ जाएगा।
गुरुवार को होने वाले जनमत संग्रह से पूर्व केमरन ने टीवी पर दिए अपने भाषण में बार-बार जनता से ईयू में बने रहने की भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि ईयू से बाहर होने की सूरत में देश में बेरोजगारी, सुरक्षा और महंगाई की समस्या बढ़ जाएगी जो देश के लिए घातक साबित होगी।
जनमत संग्रह से पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने ब्रिटेनवासियों को चेताया कि यदि ब्रिटेन यूरोपीय संघ छोड़ने का विकल्प चुनता है तो यह 'बड़ी गलती' होगी। उन्होंने साफ कहा कि यदि हम इससे बाहर जाने के बारे में सोचते हैं तो हम न सिर्फ कमजोर हो जाएंगे बल्कि हम एक दशक तक पीछे जा सकते हैं। फाइनेंनशियल एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक उन्होंने संडे टेलीग्राफ में छपे लेख में कैमरन ने 23 जून को होने वाले जनमत संग्रह को ब्रिटेन के लिए अस्तित्व संबंधी विकल्प करार दिया है।
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इससे पहले उन्होंने कल कहा था कि गुरुवार को देश को बड़ा फैसला लेना है और इसमें बहुत कुछ दांव पर लगा है। यूरोपीय संघ से यदि हम अलग होते हैं तो कारोबार को नुकसान पहुंचेगा तथा ब्रिटेन में निवेश भी प्रभावित होगा, क्योंकि यहां से यूरोपीय संघ के बीच व्यापार लंबे समय तक नहीं चलाया जा सकेगा। इस कारण हमारी अर्थव्यवस्था कमजोर हो जाएगी।