यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चीन ने माना पाकिस्तान ने मुंबई में किया था नरसंहार, मारे गए थे 164 लोग
डॉक्यूमेंट्री में जिक्र किया गया है कि हमले में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का रोल था और उसके पाकिस्तानी सरपरस्तों का भी।

मुंबई। 26\11\2008 मुंबई में हुआ भारत का सबसे बड़ा आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था। ये खुलासा पाकिस्तान के ही हितैशी कहे जाने वाले देश चीन ने किया है। चीन के सरकारी चैनल CCTV9 ने एक डॉक्यूमेंट्री में पाकिस्तान की इस नापाक हरकत का विस्तार से जिक्र किया है।
अंग्रेजी अखबार 'टाइम्स ऑफ इंडिया' के मुताबिक डॉक्यूमेंट्री में दिखाया किया गया है कि हमले में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का रोल था और उसके पाकिस्तानी सरपरस्तों का भी। गौरतलब है कि 26 और 29 नवंबर के बीच मुंबई में हुए हमलों में 164 लोगों की जानें गई थीं। 300 से भी ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। पाकिस्तान और आतंकियों के प्रति चीन के बदले तेवर को देख साफ पता चल रहा है कि ये चीन की बदली हुई नीति में परिवर्तन का नतीजा हो सकती है।
इसके पीछे वजह ये भी हो सकती है कि बीते दिनों चीन ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना और पठानकोट आतंकी हमले के मास्टरमाइंड मौलाना मसूद अजहर को आतंकी घोषित करने के भारत के प्रस्ताव में अड़ंगा डाल दिया था। यूनाइटेड नेशंस में भारत के इस प्रस्ताव को रोकने के बाद चीन की अंतराष्ट्रीय बिरादरी में काफी किरकिरी हुई थी।
माना जा रहा है इसी वजह से शायद चीन ने अपने रुख में परिवर्तन का फैसला किया है। चीन ने 'लखवी के समर्थन में भी कहा था कि लखवी के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं हैं। इतना ही नहीं चीन ने पिछले साल जमात-उद-दावा और लश्कर-ए-तैयबा के 3 आतंकियों की यूएन में अल कायदा सेक्शन कमेटी द्वारा लिस्टिंग में आपत्ति जताई थी।

