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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फ्रांस ने जॉनसन को बताया 'King of Blunder', जर्मनी ने कहा राजनीतिक विदूषक

By Kamal VermaEdited By:
Updated: Thu, 14 Jul 2016 08:24 PM (IST)

बोरिस जॉनसन के ब्रिटेन का विदेश मंत्री बनने पर यूरोपीय देशों ने हैरानी जताई है। कुछ ने उन्‍हें राजनीतिक विदूषक तो कुछ ने उन्‍हें किंग ऑफ ब्‍लंडर बताया है।

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बर्लिन (एएफपी)। बोरिस जॉनसन के ब्रिटेन का विदेश मंत्री बनने पर यूरोप के कई देशों ने हैरानी जताई है। जर्मनी ने जहां इस नियुक्ति पर हैरानी जताते हुए उन्हें राजनीतिक विदूषक बताया है, वहीं फ्रांस ने जॉनसन को 'किंग ऑफ ब्लंडर' करार दिया है। लंदन के मेयर रहे चुके जॉनसन को ब्रेक्जिट की मुहिम चलाने के लिए जाना जाता है। लेकिन जमनमसंग्रह में मिली जीत के बाद उन्होंने अपना नाम ब्रिटेन के पीएम पद की रेस से बाहर कर लिया था।

जॉनसन की नियुक्ति पर फ्रांस के विदेश मंत्री जीन मार्क एरोल्ट ने कहा कि वह ब्रेक्जिट की मुहिम चलाने वाले जॉनसन को काफी कुछ झूठे इंसान हैं। जॉनसन की नियुक्ति पर उनका कहना था कि ब्रेक्जिट के बाद राजनीतिक तंगी को छिपाने के लिए ही उन्हें विदेश मंत्री बनाया गया है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि उनके साथ मिलकर काम करने में उन्हें न तो कोई हिचक है और न ही वह इससे डर रहे हैं। लेकिन इसके लिए उनका काबिल और सच्चा इंसान होना बेहद जरूरी है।

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यूरोपीयन पार्लियामेंट के प्रमुख मार्टिन स्कल्ज ने भी इस नियुक्ति पर थेरेसा मे को आड़े हाथों लिया है। उनका कहना है कि इस नियुक्ति का असर पूरे यूरोप पर भ्ाी पड़ेगा। यूरोपीयन कमीशन के प्रमुख ने भी जॉनसन को विदेश मंत्री बनाने पर नाखुशी जताई है।

जर्मनी के विदेश मंत्री फ्रेंक वाल्टर स्टेनमियर ने उन्हें गैर जिम्मेदार राजनीतिज्ञ बताते हुए कहा कि पहले तो उन्होंने ब्रिटेन को ब्रेक्जिट में घसीटा, इसके बाद वह पीएम जैसी जिम्मेदारी निभाने से भाग खड़े हुए और क्रिकेट खेलने चले गए। जर्मनी के ही एक अन्य नेता राफ स्टेगनर ने कहा कि जॉनसन अपने डिप्लोमेटिक स्किल के लिए नहीं जाने जाते हैं।

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अमेरिका ने भी जॉनसन के विदेश मंत्री बनने पर हैरानी जताई है। हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि वह बोरिस जॉनसन के साथ मिलकर वह आगे जाने के लिए तैयार हैं। जर्मनी ने इन सभी से अलग जॉनसन की नियुक्ति को राजनीतिक विदूषक की संज्ञा दी है। इसके अलावा एक अखबार ने उन्होंने ब्रिटेन का एक मजाक बताया है। वहीं फ्रांस की एक मैगजीन ने जॉनसन की नियुक्ति पर उन्हें किंग ऑफ ब्लंडर करार दिया हैै।

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जर्मनी के डाई वेल्ट ने इसको एक मजाक बताया है। जर्मनी की एक पत्रिका ने जॉनसन के खिलाफ बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा है कि इसमें कोई शक नहीं है कि ब्रिटेन की राजनीति में देश की भलाई करने जैसा कोई मकसद नहीं है। इसमें केवल निजी हित सबसे ऊपर हैंं। पत्रिका का कहना है कि जॉनसन को ब्रेक्जिट मुहिम चलाने के लिए ही यह तमगा दिया गया है।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री के तौर पर जॉनसन का नाम सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी उनके नाम को लेकर काफी शोरगुल रहा। सोशल मीडिया पर यहां तक लिखा गया है कि जॉनसन के विदेश मंत्री बनाने के बाद उनके सलाहकार के तौर पर मिस्टर बीन को नियुक्त कर देना चाहिए।

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