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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    पाक में मार्शल लॉ लगाने की मांग, आर्मी चीफ के पोस्‍टरों से पटे शहर

    By Kamal VermaEdited By:
    Updated: Tue, 12 Jul 2016 06:52 PM (IST)

    पाकिस्‍तान के कराची, लाहौर, इस्‍लामाबाद, रावलपिंडी में लगे पोस्‍टरों में आर्मी चीफ से देश की सत्‍ता अपने हाथों मे लेने की अपील की गई है। ...और पढ़ें

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    इस्लामाबाद (एएफपी)। पाकिस्तान में एक बार फिर सैन्य शासन लगाने की मांग जोर पकड़ रही है। इस मांग को लेकर पाकिस्तान के कई बड़े शहर पोस्टरों से पटे हुए हैं। लाहौर, कराची, इस्लामाबाद और रावलपिंडी जैसे शहरोंं में यह पोस्टर आसानी से सड़कों पर लगे देखे जा सकते हैं। इन पोस्टरों में आर्मी चीफ का बड़ा सा फोटो लगा है जिसमें नीचे लिखा है 'मूव ऑन पाकिस्तान'।

    हालांकि यह पोस्टर किसने और क्यूं लगाए हैं इसकी अभी कोई जानकारी नहीं मिली है। लेकिन इन पोस्टरों में आर्मी चीफ राहिल शरीफ से सरकार का तख्ता पलटकर सत्ता अपने हाथों में लेने की अपील की गई है। शरीफ कुछ ही समय में अपने पद से रिटायर होने वाले हैं। पोस्टरों में कहा गया है कि भ्रष्टाचार में डूबी पाक सरकार से बेहतर है कि देश में मार्शल लॉ लग जाए। इन पोस्टरों में वर्ष 2013 में बनी राजनीतिक पार्टी का नाम भी छपा है, जिसका अभी तक कोई अता-पता नहीं है। इसके अलावा इन पोस्टरों में मूव ऑन पाकिस्तान के चीफ आर्गेनाइजर के तौर पर अली हाशमी का नाम भी छपा हुआ है।

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    पोस्टर में आर्मी चीफ जनरल शरीफ से अपील करते हुए कहा गया है कि पाकिस्तान में आर्मी का शासन पहले भी रहा है, लिहाजा खुदा के वास्ते दोबारा ऐसा ही करें और सत्ता अपने हाथों में ले लें। शरीफ इसी वर्ष के अंत तक रिटायर हो जाएंगे। इन पोस्टरों में जनरल राहिल शरीफ की जबरदस्त तारीफ करते हुए कहा गया है कि पता नहीं आने वाला आर्मी चीफ उनकी तरह कारगर होगा भी या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है। इसमें हैशटैग के साथ लिखा गया है 'थैंक यू राहिल शरीफ और पाक लव्स जनरल राहिल'।

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    गौरतलब है कि पाक के आर्मी चीफ ने जनवरी में कहा था कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का आदर करते हुए वह इस वर्ष अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद तय समय पर रिटायर हाेे जाएंगे। पाकिस्तान के कई बड़े शहरों में लगे यह पोस्टर पाक सरकार पर सवाल खड़ेे कर रहेे हैं। पंजाब की प्रांतीय सरकार ने इन पोस्टरों को तुरंत हटवा दिया है लेकिन कुछ अन्य जगहों पर यह पोस्टर अब भी ज्यों के त्यों लगे हुुए हैं।

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