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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 05, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जनमत संग्रह में हार के बाद इटली के प्रधानमंत्री रेंजी ने की इस्तीफा देने की घोषणा

By Rajesh KumarEdited By:
Updated: Mon, 05 Dec 2016 06:53 AM (IST)

रविवार को हुए एग्जिट पोल में रेंजी के प्रस्ताव के खिलाफ करीब 60 और पक्ष में 40 फीसदी वोटिंग के बाद उन्होंने अपनी हार मान ली।

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रोम, एपी। इटली के प्रधानमंत्री मैटियो रेंजी ने संविधान में सुधार को लेकर हुए जनमत संग्रह में हार के बाद इस्तीफा देने की घोषणा की है। रेंजी से गुड लक टू अस ऑल कहते हुए संवाददाताओं से कहा कि सोमवार की दोपहर को कैबिनेट की बैठक कर अपने इस्तीफे की बात कहेंगे। इसके बाद वो इटली के राष्ट्रपति को 21 महीने तक प्रधानमंत्री का कार्यभार संभालने के बाद अपना इस्तीफा सौंप देंगे।

रविवार को हुए एग्जिट पोल में रेंजी के प्रस्ताव के खिलाफ करीब 60 और पक्ष में 40 फीसदी वोटिंग के बाद उन्होंने अपनी हार मान ली। जनमत संग्रह से पहले इटली के प्रधानमंत्री मैटिओ रेनजी का कहना था कि अगर रविवार के मतदान में संशोधन को नकार दिया जाता है तो वह इस्तीफा दे देंगे। मैटियो रेंजी ने कहा था कि सुधार से ब्यूरोक्रेसी में कमी आएगी और देश प्रतिस्पर्धा की ओर आगे बढ़ेगा। जबकि, उनके विरोधी यूरोप और अमेरिका की तरह सत्ता विरोधी लहर का फायदा उठाने का प्रयास कर रहे थे।

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68 साल पुराना है इटली का संविधान

इटली का संविधान 1948 में बना था। 68 साल पुराने इस संविधान में बदलाव को समय की जरूरत माना जा रहा था। रेंजी (41) संविधान में संशोधन कर ऊपरी सदन सीनेट की शक्तियां कम करते हुए इसके सदस्यों की संख्या 315 से 100 करना चाहते थे। जबकि, विपक्षियों का कहना था कि सीनेट की शक्तियां कम होने की स्थिति में प्रधानमंत्री के हाथों में काफी शक्तियां आ जायेंगी।

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