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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग पारित

By Abhishek Pratap SinghEdited By:
Updated: Fri, 09 Dec 2016 05:04 PM (IST)

शुक्रवार की प्रक्रिया में पार्क के खिलाफ इससे ज्यादा मत पड़े। स्पीकर चुंग सी क्यून ने कहा कि वह भारी मन से राष्ट्रपति के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने की घोषणा करते हैं।

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सियोल, एएफपी : दक्षिण कोरिया की संसद ने शुक्रवार को राष्ट्रपति पार्क ग्यून ही के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित कर दिया। इसके चलते पार्क की राष्ट्रपति पद में निहित कार्यकारी शक्तियां खत्म हो गई हैं। उन पर यह प्रस्ताव भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल रहने के चलते लाया गया था। सड़कों पर हफ्तों से हो रहे भारी प्रदर्शनों के चलते संसद पर राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई का दबाव बढ़ गया था। साक्ष्यों के आधार पर इसमें ही की सहेली चोई सुन सिल और दो नजदीकी सहयोगी गिरफ्तार हो चुके हैं।

संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार संसद ने महाभियोग प्रस्ताव पर पड़े मतों को अब संवैधानिक अदालत को दिया जाएगा, जो पार्क को राष्ट्रपति पद से हटने के बारे में अंतिम फैसला सुनाएगी। अदालत को यह फैसला छह महीने के भीतर लेना होगा। लेकिन तब तक देश राजनीतिक अनिश्चितता का शिकार रहेगा।

संसद में महाभियोग प्रस्ताव के समर्थन में 234 मत पड़े जबकि विरोध में 56 सांसद ही पार्क के साथ खड़े दिखाई दिए। तीन सौ सदस्यों वाली संसद में राष्ट्रपति के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित कराने के लिए दो तिहाई बहुमत अपेक्षित है। शुक्रवार की प्रक्रिया में पार्क के खिलाफ इससे ज्यादा मत पड़े। स्पीकर चुंग सी क्यून ने कहा कि वह भारी मन से राष्ट्रपति के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने की घोषणा करते हैं। साथ ही कामना करते हैं कि ऐसी बुरा प्रकरण हमारे देश में फिर से सामने न आए। जिस समय संसद में महाभियोग की प्रक्रिया चल रही थी, उस समय भी इमारत के बाहर हजारों लोग पार्क के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।

राष्ट्रपति के रूप में चार साल पूरे कर चुकीं पार्क देश में निर्वाचित पहली राष्ट्रपति हैं जिन्हें हटाने के लिए महाभियोग जैसी प्रक्रिया अमल में लाई गई है। संसद ने उनके प्रति अविश्वास जाहिर किया है। उन्हें शक्तियों के इस्तेमाल से जनता के हितों पर चोट पहुंचाने का दोषी पाया गया है।

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