विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 07, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भारत को अत्याधुनिक गार्जियन ड्रोन देगा अमेरिका! पाकिस्तान हुआ चिंतित

By kishor joshiEdited By:
Published: Wed, 07 Sep 2016 09:52 AM (IST)Updated: Wed, 07 Sep 2016 02:29 PM (IST)

प्रमुख रक्षा सहयोगी का दर्जा देने के बाद अमेरिका भारत के उस आग्रह को मंजूरी देने पर विचार कर रहा ...और पढ़ें

News Article Hero Image

वाशिंगटन (पीटीआई)। अमेरिकी प्रशासन से जो संकेत मिले हैं उनके अनुसार भारत को समुद्री निगरानी के लिए गार्जियन ड्रोन मिलने का रास्ता साफ हो गया है। भारत को हिंद महासागर में निगरानी के लिए इन ड्रोनों की जरूरत थी। जून में अमेरिका द्वारा भारत को एक बड़े रक्षा साझीदार का दर्जा देने के बाद यह कदम उठाया गया है।

इसी वर्ष जून माह में अमेरिकी दौरे पर गए पीएम मोदी ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति ओबामा से मुलाकात की थी। लेकिन भारतीय नौसेना ने उससे पहले, फरवरी माह के दौरान अमेरिकी रक्षा विभाग से उच्च तकनीकी क्षमता से लैस 22 मल्टी मिशन प्रेडेटर गार्जियन यूएवी की खरीद के लिए एक अनुरोध पत्र (एलओआर) भेजा था।

पढ़ें-भारत-अमेरिका के बीच 'LEMOA' से उड़ी चीन-पाक की नींद, जानें 10 खास बातें

ओबामा द्वारा भारत को प्रमुख सामरिक रक्षा भागीदार के रूप नामित करने के बाद, हथियार खरीद बिक्री के संबंध में भारत की तरफ से किया गया यह पहला बड़ा अनुरोध था। सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन को लगता है कि इस तरह की प्रमुख सैन्य बिक्री को मंजूरी मिलने से भारत और अमेरिका के रिश्ते और गहरें होंगे। यह न केवल अमेरिका और भारत के लिए फायदेमंद रहेगा बल्कि एशिया- प्रशांत में भी धुरी का काम करेगा।

अधिकारियों को लगता है कि इस गार्जियन ड्रोन से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामुद्रिक क्षमताओं में वृद्धि होगी। सूत्रों के अनुसार भारत की निगरानी व्यवस्था मजबूत होने को अमेरिका अपने हित में भी मान रहा है। क्योंकि इस समय भारत के आसपास के समुद्री इलाके में चीन की गतिविधियां भी बढ़ी हुई हैं, ऐसे में भारत की एकत्रित जानकारी से अमेरिका को भी लाभ मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

पढ़ें- अमेरिकी इतिहास में पहली बार महिला को लड़ाकू कमान

आपको बता दें कि अमेरिकी रक्षा मंत्री एश्टन कार्टर और रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बीच पिछेल महीने 29 को पेंटागन में मुलाकात हुई थी। इस मुलाकात के दौरान ने कार्टर ने पर्रिकर को इस एसयूवी डील के बारे में आश्वासन दिया था। इस डील की कुल लागत 2 बिलियन अमेरिका डॉलर है। वहीं सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी लॉबी इस डील को रोकने के लिए यह कहकर रोकने का भरसक प्रयास कर रही है कि भारत इसका इस्तेमाल उसके (पाकिस्तान) खिलाफ कर सकता है।


प्रेडेटर गार्जियन यूएवी (ड्रोन)

एक मानवरहित वायुयान है जिसे रिमोट से कंट्रोल किया जा सकता है या ऑटोनॉमस उड़ान के लिए भेजा जा सकता है। इसे मुख्यतः अमेरिकी एयर फ़ोर्स के लिए किया गया है। यह ऐसा ए वी है जिसे लंबी दूरियों, अधिक ऊंचाइयों, और निगरानी के लिए बनाया गया है।

पढ़ें- भारत-अमेरिका के बाद पाक अब चीन के साथ करेगा लॉन्ग टर्म डिफेंस एग्रीमेंट

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।