यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शनि के चंद्रमा टाइटन पर पानी से भरी घाटियां
नासा के वैज्ञानिकों ने शनि ग्रह के चंद्रमा टाइटन पर पानी से भरी गहरी घाटियों का पता लगाया है। नासा का कहना है कि टाइटन पर इस तरह की घाटियों का पहली बार पता चला है।

वाशिंगटन, पीटीआई: नासा के वैज्ञानिकों ने शनि ग्रह के चंद्रमा टाइटन पर पानी से भरी गहरी घाटियों का पता लगाया है। नासा का कहना है कि टाइटन पर इस तरह की घाटियों का पहली बार पता चला है। ये घाटियां सैकड़ों मीटर गहरी है।
नासा का कैसिनी यान मई, 2013 में टाइटन के सबसे समीप से गुजरा था। इस दौरान यान में लगे शक्तिशाली रडार ने चंद्रमा पर मौजूद चैनल के बारे में पता लगाया। ये घाटियां उत्तरी लिजीया मेर सागर से अलग हैं। घाटियों के पूरे नेटवर्क को विड फ्लूमिना का नाम दिया गया है।
गहरी होने के आलावा इन घाटियों में खड़ी ढाल हैं। शीर्ष से इसकी गहराई 250 से 270 मीटर तक बताई गई है। कैसिनी में लगे रडार से इनकी ऊंचाई मापना भी संभव हो सका है। मालूम हो कि टाइटन पर मीथेन और हाइड्रोकार्बन की मौजूदगी का पहले ही पता चल गया जा चुका है।

