विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 31, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बुलंदशहर गैंगरेप केस में कई अधिकारी सस्पेंड, हिरासत में तीन आरोपी

By Dharmendra PandeyEdited By:
Updated: Mon, 01 Aug 2016 03:57 PM (IST)

बुलंदशहर में हाईवे पर हैवानियत में इंस्पेक्टर के बाद एसएसपी, एएसपी, सीओ को निलंबित कर दिया गया है। डीजीपी ने कहा कि हम मामले में खुलासे के बेहद करीब हैं।

News Article Hero Image

बुलंदशहर (जेएनएन)। हाईवे पर परिवार को बंधक बनाकर मां-बेटी से सामूहिक दुष्कर्म की लोमहर्षक वारदात ने पूरे शासन तंत्र को जोर से हिला दिया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कड़ी चेतावनी के बाद पुलिस की जांच में तेजी आई और आज डीजीपी जावीद अहमद और प्रमुख सचिव गृह को बुलंदशहर पहुंचना पड़ा। इंस्पेक्टर से लेकर एसएसपी तक श्रंखला के चार अधिकारि निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने दो दर्जन संदिग्धों से पूछताछ के बाद तीनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। इससे पहले पुलिस ने घुमंतू जाति के 200 बदमाशों की फोटो पीडि़त परिवार को दिखाए गए। इनमें से तीन दरिंदों की पहचान हो गई है। पुलिस ने छह बदमाशों का स्केच जारी किया है। गुस्साए व्यापारियों एवं कांग्रेसियों ने वारदात के खिलाफ एनएच-91 जाम भी किया।

पढ़ें- बुलंदशहर में सेक्स रैकेट : रंगरेलियां मनाते आठ गिरफ्तार

आज डीजीपी जावीद अहमद व प्रमुख सचिव गृह देवाशीष पांडा ने बताया कि तीन बदमाशों बबलू पुत्र रूपचंद निवासी फरीदाबाद, नरेश उर्फ ठाकुर पुत्र अमर सिंह निवासी बठिंडा और बुलंदशहर के सुतारी निवासी रईस पुत्र शोहराब को बैर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया है। इंस्पेक्टर के बाद एसएसपी, एएसपी, सीओ को निलंबित कर दिया गया है। डीआइजी लक्ष्मी सिंह ने भी वहीं डेरा डाल रखा है। निलंबित सीओ के खिलाफ एसपी क्राइम गाजियाबाद को जांच सौंपी गई है।

तस्वीरें: बुलंदशहर की घटना बेहद शर्मनाक, मिला अहम सुराग

डीआइजी लक्ष्मी सिंह ने बताया कि एसटीएफ व जोन की 15 टीमों के 350 पुलिसकर्मी दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान में लगातार दबिश दे रहे हैं। उधर डीजीपी जावीद अहमद ने पत्रकार वार्ता में कहा कि घटना जघन्य है। बदमाशों पर रासुका लगायी जाएगी। हम सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक की भी मांग करेंगे।

पढ़ें- मुख्यमंत्री अखिलेश का बुलंदशहर कांड पर 24 घंटे का अल्टीमेटम, डीजीपी पहुंचे

दोषियों की गिरफ्तारी को दिए 24 घंटे

बुलंदशहर में हाइवे पर दुष्कर्म और लूटपाट की घटना को लेकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव गंभीर हैं। उन्होंने एसएसपी को दोषियों की गिरफ्तारी के लिए 24 घंटे का समय देते हुए संबंधित थानों के थानाध्यक्ष और पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं। डीजीपी को घटना के राजफाश का निर्देश देते हुए कहा है कि जल्द से जल्द गिरफ्तार करके कानूनी कार्रवाई के जरिए ऐसी सजा दिलायी जाए जो उदाहरण बने। मुख्यमंत्री ने पीडि़त परिवार के प्रति सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करके कड़ी से कड़ी सजा दिलवाएगी। उन्होंने इस प्रकरण को दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद बताते हुए डीजीपी को निर्देश दिया कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं। उन्होंने ऐसे मामलों में दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी के निर्देश दिए हैं।

पढ़ें-बुलंदशहर की घटना बेहद शर्मनाक, मिला अहम सुराग : डीजीपी

हां, सामूहिक दुष्कर्म हुआ : डीजीपी

दुष्कर्म न होने का राग अलाप रहे मेरठ जोन के कई पुलिस अफसरों को आइना दिखाते हुए डीजीपी जावीद अहमद ने माना कि दो महिलाओं से दुष्कर्म हुआ है। कहा कि अधिक उम्र की महिला को छोड़कर दो के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। डीजीपी ने यह भी स्वीकार किया कि पीडि़त परिवार ने 100 नंबर पर काल की लेकिन कोई जबाव नहीं मिला। यह पूछने पर कि पीडि़त परिवार को पुलिस कभी शाहजहांपुर बताती है तो कभी नोएडा, सच क्या है। इस पर झल्लाए डीजीपी बोले कि जब पीडि़त परिवार को मीडिया की जरूरत होगी वह स्वयं मिल लेंगे।

यह भी पढ़ें- हुस्न का जलवा दिखाकर लूट करती थी कॉल गर्ल, पुलिस ने किया गिरफ्तार

महिला आयोग की टीम भी पहुंची

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ललिता कुमार मंगलम भी आज शाम को बुलंदशहर पहुंच गई हैं। वह इस समय पीडि़त के परिवार के घटना के बारे में पूछताछ कर रही हैं। पुलिस लाइन सभागार में अध्यक्ष पीडि़तों से बातचीत कर रही हैं। उन्होंने भी इस कांड को बेहद भयावह माना है।