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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 09, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

1000-500 के नोट बंद होने से बाजारों में सन्नाटा, नोट हाथ लिए वृद्धा ने दम तोड़ा

By Ashish MishraEdited By:
Updated: Thu, 10 Nov 2016 06:30 PM (IST)

प्रधानमंत्री मोदी के 500 और 1000 के नोटों को बंद करने के ऐलान के बाद पेट्रोल पंप और एटीएम पर लोगों का उमड़ पड़ा। पेट्रोल पंप और एटीएम पर लोगों की भीड़ जमा होने से लंबा जाम लगा गया।

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लखनऊ। (जेएनएन)। प्रधानमंत्री मोदी के 500 और 1000 के नोटों को बंद करने के ऐलान के बाद पेट्रोल पंप और एटीएम पर लोगों का उमड़ पड़ा। पेट्रोल पंप और एटीएम पर लोगों की भीड़ जमा होने से लंबा जाम लगा गया। वहीं एटीएम पर भी भारी मात्रा में लोगों का जमावड़ा है वहीं राशन दुकानों से फैमिली बाजार तक सन्नाटा है। सबसे बड़े दो करेंसी नोट बंद होने के बाद प्रदेश भर में आवश्यक वस्तुओं के लिए लेनदेन भी हुआ प्रभावित। राशन दुकानों पर हुई जिरह, फैमिली बाजारों में भी रुकी खरीदारी।
हर कहीं अफरा-तफरी का माहौल है। विरोध में मेरठ के झूंडपुर गांव में प्रधानमंत्री का पुतला जलाया गया। 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने पर उबाल। कहीं भी नहीं लिए जा रहे ये नोट। हर कोई परेशान। वाराणसी में महाश्मशान मणिकर्णिका के साथ ही हरिश्चंद्र घाट पर बड़े नोटों को लेकर किचकिच के हालात।

वहीं कुशीनगर के कप्तानगंज में सेन्ट्रल बैंक की शाखा में एक-एक हजार के दो नोट लेकर बदलने के लिए पहुँची तीर्थराजी देवी (60) पत्नी रामप्रसाद की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। बैंक परिसर में ताला बंद होने के कारण वह गेट पर सुबह से ही बैठी थी। जैसे ही उसे बैंक बंद होने की सूचना दी गई उसे चक्कर आने लगा। कुछ ही देर में वह बेहोश होकर गिर गिर पडी और बैंक शाखा के सामने ही उसकी मौत हो गई। वह कप्तानगंज विकास खंड के खभराभार गांव की रहने वाली थी।

गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने के लिए कतारों में खड़े यात्री 500-1000 के नोट को लेकर परेशान हैं। काउंटर पर उनसे फुटकर न होने की बात कही जा रही जा रही है। महिलाओं ने 500-1000 के नोट न लिए जाने पर हंगामा भी किया। बस स्टेशन पर भी ऐसी ही स्थिति है। जिनके पास फुटकर रूपये नहीं हैं वे परेशान हैं।
गोरखपुर में पुलिस ने भी चालान आदि के लिए 500-1000 के नोट लेना बंद किया। एसएसपी रामलाल वर्मा ने पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया है कि यातायात माह के तहत गलत ढंग से वाहन चलाने या यातायात सबंधी नियमों का पालन न करने वालों का चालान तो किया जाएगा,लेकिन उनसे शमन शुल्क के लिए 500-1000 के नोट नहीं लिए जायेंगे। ऐसे में जिनका चालान किया जायेगा उन्हें बाद में शमन शुल्क जमा करने का विकल्प दिया जाएगा।

बता दें, कि जैसे ही लोगों की इस बात की खबर लगी कि मंगलवार रात 12 बजे से 500 और 1000 के नोटों का चलन बंद हो जाएगा अफरातफरी मच गई।लोगों ने बताया कि पीएम मोदी के इस फैसले से परेशानी जरुर हुई लेकिन राष्ट्रहित के लिए सभी ने उनके इस फैसले का स्वागत किया है। एटीएम में ज्यादातर लोग 400 रुपए निकाल रहे हैं।

हालांकि पीएम मोदी ने अपने वक्तव्य में कहा था कि इससे आतंकवाद और भ्रष्टाचार पर भी रोक लगेगी। वहीं कुछ जगहों पर अगले दो दिनों तक एटीएम भी नहीं चलेंगे। सभी सरकारी अस्पतालों में पुराने नोट स्वीकार किए जाएंगे। एटीएम से 2000 रुपए निकलने की सीमा रहेगी, इससे ज्यादा की रकम नहीं निकाली जा सकेगी।इसके बाद 500 और 1000 रुपए के साथ ही आरबीआई 2000 रुपए के नए नोट भी लाएगी। पीएम मोदी ने कहा, कि 9 और 10 नवंबर को एटीएम काम नहीं करेंगे.

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