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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फतवा : गौमूत्र के उत्पाद के प्रयोग से बचें मुस्लिम : दारुल उलूम

By Ashish MishraEdited By:
Updated: Tue, 23 Aug 2016 12:32 PM (IST)

विश्व प्रसिद्ध इस्लामी तालीमी इदारे दारुल उलूम के मुफ्तियों की खंडपीठ ने एक व्यक्ति द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में गौमूत्र मिले पतंजलि के उत्पाद को नाजायज बताया है।

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सहारनपुर (जेएनएन)। दारुल उलूम के दारुल इफ्ता के मुफ्तियों ने फतवे में गौमूत्र मिले पतंजलि के उत्पाद के इस्तेमाल को नाजायज बताया गया है। इसके इस्तेमाल से मुस्लिम समाज को परहेज रखने को कहा है। विश्व प्रसिद्ध इस्लामी तालीमी इदारे दारुल उलूम के मुफ्तियों की खंडपीठ ने एक व्यक्ति द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में गौमूत्र मिले पतंजलि के उत्पाद को नाजायज बताया है।

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फतवे में यह भी कहा गया कि पतंजलि के जिन उत्पादों में गौमूत्र मिला न होने का पुख्ता प्रमाण हो, उनका उपयोग किया जा सकता है। पतंजलि के उत्पाद के संबंध में दिए गए उक्त फतवे पर आन मोबाइल सर्विस के चेयरमैन मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि गौमूत्र मिलाए जाने वाले उत्पाद का इस्तेमाल मुसलमानों के लिए पूरी तरह नाजायज है। उन्होंने यह भी कहा कि जो कंपनी अपने उत्पादों में गौमूत्र मिश्रित करती है, उस कंपनी के बारे में यह कैसे साबित किया जा सकेगा कि वह अपने कुछ उत्पादों में गौमूत्र का इस्तेमाल नहीं कर रही है। ऐसे में बेहतर यह है कि ऐसी कंपनी के उत्पादों की खरीद से पूरी तरह परहेज किया जाए।

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