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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जांच दल से आम जनता की मांग, 2000 नहीं 500 के नोट चाहिए

By Ashish MishraEdited By:
Published: Wed, 23 Nov 2016 09:29 AM (IST)Updated: Wed, 23 Nov 2016 10:16 AM (IST)

आम जनता की दिक्कतों का पता लगाने आये केंद्रीय दल के प्रतिनिधि को अफसरों और बैंकर्स ने नकदी की किल्लत ...और पढ़ें

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लखनऊ(जेएनएन)। नोटबंदी को लेकर प्रदेश की आम जनता को हो रहीं दिक्कतों का पता लगाने के लिए मंगलवार को राजधानी आये केंद्रीय दल के प्रतिनिधि को अफसरों और बैंकर्स ने नकदी की किल्लत से वाकिफ कराने के साथ ही ग्रामीण बैंकों में कैश की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कहा। नोटबंदी से कानून व्यवस्था संभालने में आ रहीं दिक्कतों का हवाला देते हुए उनसे 2000 की बजाय 500 रुपये के नये नोटों की खेप तत्काल भेजने की मांग की गई। किसानों को बीज के अलावा खाद खरीदने के लिए भी पुराने नोटों के इस्तेमाल की छूट देने का अनुरोध किया गया।
पांच सौ और एक हजार के नोटों का चलन बंद होने के कारण दूरदराज के इलाकों में आम जनता और किसानों को नकदी मिलने में हो रहीं दिक्कतों की जानकारी हासिल करने के लिए केंद्र सरकार ने तीन अफसरों को प्रदेश में भेजा है। ये प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर नकदी की जमीनी हकीकत से रूबरू होंगे। इसी सिलसिले में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के अपर सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने मंगलवार को सचिवालय में प्रमुख सचिव वित्त अनूप चंद्र पांडेय, संस्थागत वित्त विभाग के अफसरों और बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
प्रमुख सचिव वित्त और बैंकर्स ने केंद्रीय दल के प्रतिनिधि को बताया कि नोटबंदी से उपजे हालात से निपटने के लिए नकदी की आवक बढ़ानी होगी। उनका ध्यान इस तथ्य की ओर खींचा गया कि बाजार में नकदी और खुदरे की किल्लत को देखते हुए 2000 रुपये के नोट उपयोगी नहीं हो रहे। बेहतर होगा 500 रुपये के नए नोटों और अन्य छोटे नोटों की आपूर्ति बढ़ायी जाए। संस्थागत वित्त विभाग की ओर से ग्रामीण बैंकों के लिए नकदी का कोटा तय किये जाने की मांग की गई।

किसानों की फिक्र
केंद्रीय प्रतिनिधियों को बताया गया कि अभी किसानों को पुराने नोटों से सिर्फ बीज खरीदने की सुविधा दी गई है। किसानों को खाद भी खरीदने की छूट देने के लिए इस संबंध में जारी की गई अधिसूचना में जरूरी संशोधन कराये जाने का अनुरोध किया गया। उन्हें यह भी बताया गया कि केंद्र सरकार ने रबी की बोआई पर होने वाले खर्च के मद्देनजर किसानों को भले ही हर हफ्ते अपने बैंक खाते से 25 हजार रुपये निकालने की सुविधा दी है लेकिन बैंक किसानों को यह रकम मुहैया कराने में असमर्थता जता रहे हैं। गन्ने की ढुलाई और कटाई के लिए नकद भुगतान की व्यवस्था कराने की मांग भी की गई। धान की खरीद के लिए व्यापारियों को बैंक से 50 हजार रुपये की निकासी की सीमा को बढ़ाने का भी अनुरोध किया गया।

दाह संस्कार के लिए भी हो सुविधा
संस्थागत वित्त विभाग के महानिदेशक शिव सिंह यादव ने शादी के लिए अपने खाते से ढाई लाख रुपये निकालने के लिए लगायी गईं शर्तों को सरल बनाने के साथ परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु होने पर भी दाह संस्कार आदि के खर्च के लिए बैंक से रकम निकालने की सुविधा दिये जाने की मांग की।

बदल दिए गए 40 फीसद एटीएम
बैठक में मौजूद बैंकर्स ने केंद्रीय प्रतिनिधि को बताया कि प्रदेश में औसतन 40 फीसद एटीएम नए मान्य नोटों के हिसाब से रीकैलिब्रेट किये जा चुके हैं। स्टेट बैंक के प्रतिनिधि की ओर से बताया गया कि एसबीआइ के 85 फीसद एटीएम रीकैलिब्रेट हो गए हैं। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रतिनिधि के मुताबिक बैंक के 50 फीसद एटीएम नयी जरूरत के अनुरूप ढाले जा चुके हैं।

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