यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
भिखारियों तक का पैसा नहीं छोड़ते इमाम बुखारी : आजम
आजम खां ने कहा कि शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी के पैसे की हवस दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है। राजनीति में पांव पसारने को आतुर बुखारी दिल्ली में भिखारियों से भी पैसा वसूल रहे हैं।

लखनऊ (वेब डेस्क)। उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री आजम खां के निशाने पर दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी के साथ ही उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक रहते हैं। लखनऊ में शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड की वेबसाइट के उद्घाटन पर बुखारी को भिखारियों से पैसा वसूलने वाला तथा राज्यपाल राम नाईक को हिस्ट्रीशीटर का रहनुमा बताया।
समाजवादी पार्टी के फायर ब्रांड नेता आजम खां ने कहा कि दिल्ली की विश्व विख्यात जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी के पैसे की हवस दिन पर दिन बढ़ती ही जा रही है।
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राजनीति में पांव पसारने को बेहद आतुर बुखारी अब तो दिल्ली में भिखारियों से भी पैसा वसूल रहे हैं। आजम खां ने कहा कि बुखारी इन दिनों दिल्ली की मस्जिद में सीढ़ी पर भीख मांगने वालों से भी पैसे लेते हैं। वह धन का अंबार लगाकर अब धर्म की आड़ में धंधा करने पर उतर रहे हैं।
नगर विकास मंत्री मो. आजम खां ने फिर राजभवन पर निशाना साधा है कि उसके दरवाजे हिस्ट्रीशीटर के लिए खुलते है।
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आजम के मुताबिक राज्यपाल को हर वह हिस्ट्रीशीटर पसंद है जिसने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने तंज किया कि वह महामहिम हैं। मंत्री पद से बर्खास्त कर देंगे तो क्या होगा, इसलिए उनसे डरना तो पड़ेगा ही। इधर राज्यपाल राम नाईक ने दैनिक जागरण से कहा कि आजम के बयान पर उनका कोई भी टिप्पणी करना उनकी गरिमा के अनुकूल नहीं है।
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आजम खां ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाया। आजम ने कहा कि केंद्र सरकार का कैराना का मामला बैक फायर हो गया। दादरी पर दो रिपोर्ट क्यों? यह मान भी लिया जाए कि इकलाख के घर में मांस का टुकड़ा मिला तो क्या इसके लिए किसी की जान ले लेना सही है।
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दिल्ली के कई पांच सितारा होटलों में गाय का पका मांस मिलता है तो केंद्र सरकार उन पर क्यों नहीं प्रतिबंध लगाती। उन्होंने गुजरात में खाल बेचने वालों के साथ हुई घटना का निंदा की। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान में हमें बोझ समझा जाता है। कुछ लोग हमें म्लेच्छ कहते हैं। मेरे गुजरने पर भाजपा वाले गंगाजल से सड़क को शुद्ध करते हैं। जिसको बुरी लगे मेरी बात, वह अगले साल रोजा रख ले। मैंने बदायूं में जो देखा, कह दिया।

