Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    एबीवीपी रैलीः शिक्षा को चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाओ और बाज़ारीकरण रोको

    By Nawal MishraEdited By:
    Updated: Wed, 23 Nov 2016 06:58 PM (IST)

    एबीवीपी ने आज शिक्षा का बाज़ारीकरण रोकने, चुनावी एजेंडे में शिक्षा नीति शामिल करने, एक स्वच्छ और वैचारिक रूपरेखा सामने लाने के लिए हुँकार भरी। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    लखनऊ (जेएनएन)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की रैली में आज शिक्षा में सुधार के लिए बाज़ारीकरण रोकने, चुनावी एजेंडे में शिक्षा नीति को शामिल करने, अच्छी शिक्षा के लिए एक स्वच्छ और वैचारिक रूपरेखा सामने लाने के लिए कार्यकर्ताओं नें हुँकार भरी गई। उल्लेखनीय है कि एबीवीपी बड़ी रैली लखनऊ में 22 साल (1994) बाद आयोजित की जा रही है।

    राजधानी स्थित काल्विन तालुकेदार्स कालेज परिसर में एबीवीपी की हुँकार रैली में आज क्षेत्रीय संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि छात्रों को बेरोजगारी भत्ता नहीं रोजगार चाहिए। उन्होंने कहा कि एबीवीपी ने सरकार से हमेशा ही शिक्षा के बाज़ारीकरण को बंद करने की मांग की है। लेकिन किसी भी सरकार ने इस पर गंभीरता से विचार नहीं किया।

    हुंकार रैली के चुनावी मायने

    हुंकार रैली में मंच पर एबीवीपी पदाधिकारियों के साथ भाजपा के कई बड़े नेता भी मौजूद रहे। इनमें भाजपा के प्रदेश संगठन मंत्री सुनील बंसल, प्रदेश महामंत्री अशोक कटारिया, राष्ट्रिय सचिव महेंद्र सिंह, अनूप गुप्ता, राकेश त्रिपाठी समेत कई भाजपा के नेता मौजूद रहे। इससे यह साफ हो गया कि विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भाजपा युवाओं की समस्याओं को मुद्दा बनाकर छात्र को एकजुट कर रही है। वह इसका चुनावी लाभ भी लेना चाहती है।

    नोटबंदी परिवर्तन की शुरुआत

    राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के निर्णय को परिवर्तन की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा में व्याप्त भ्रष्टाचार विद्यार्थियों के भविष्य को गर्त में डाल रहा है। उन्हें अपने ही अधिकारों के लिए समय-समय पर लडऩा होता है। राजनीतिक भागीदारी के प्रलोभन में फंसे युवाओं को अपने अधिकारों के लिए लडऩा होगा, तभी देश व प्रदेश का विकास हो सकता है। उन्होंने उत्तर प्रदेश में नई शिक्षा नीति लागू करने की वकालत की। उन्होंने कानून व्यवस्था और लालफीताशाही को लेकर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया। युवाओं की मौजूदगी में उन्होंने सत्ता परिवर्तन में भागीदारी का भी एलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कोने-कोने से आने वाले छात्रों को रोकने के लिए प्रशासन ने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है।

    खबरें और भी

    छात्रशक्ति बदलेगी यूपी का इतिहास

    सह संगठन मंत्री श्रीनिवास ने कहा कि यूपी का इतिहास बदलेगा। छात्रशक्ति ने हुंकार भर दिया है। अखिल भारतीय विद्यार्थी ने इसकी शुरुआत कर दी है। अगर इस रैली से सत्ता परिवर्तन संभव हुआ तो हम वह भी करेंगे। उन्होंने कहा कि देश के खिलाफ आवाज उठाने वालों के खिलाफ एबीवीपी कार्यकर्ता ही आवाज उठता है। एबीवीपी समता स्थापित करने नहीं, समाज बदलने को निकाला है। इस हुंकार रैली से अगर सत्ता परिवर्तन करना पड़े तो सत्ता परिवर्तन भी होगा। विद्यार्थी परिषद यूपी में सरकार बदलने का काम भी करेगी।

    यह भी पढ़ें

    जांच दल से आम जनता की मांग, 2000 नहीं 500 के नोट चाहिए

    फूलपुर सीट से चुनाव लड़ नेहरू की विरासत संभालेंगी प्रियंका!

    रेल हादसे के बाद चार अफसर निलंबित, डीआरएम का तबादला