यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अखिलेश रामगोपाल से अलग हो जाओ मुख्यमंत्री तुम्ही बनोगेः मुलायम
मुलायम ने आज लखनऊ में कार्यकर्ताओं से कहा कि अखिलेश राम गोपाल से अलग हो जाओ सीएम तुम्ही बनोगे। ...और पढ़ें

लखनऊ (जेएनएन)। पिता-पुत्र में एका के आठ प्रयास नाकाम होने के बाद अब कलह की वजहें उजागर होनी शुरू हुई हैं। बुधवार को मुलायम सिंह ने कहा कि अपने बेटे व बहू को बचाने के लिए प्रो.राम गोपाल समाजवादी पार्टी (सपा) को तोड़ रहे हैं। वह अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी बना रहे, जिसके लिए उन्होंने चुनाव आयोग से मोटरसाइकिल चिह्न मांगा है मगर हम न पार्टी टूटने देंगे, न नाम बदलेंगे और न चुनाव चिह्न। मुलायम यह भी बोल गये कि रामगोपाल मुझसे कहते कि उनके बहू-बेटे को सीबीआइ से बचाता, मगर वह गलत हाथों में क्यों खेल रहे हैं।
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आज दोपहर सवा एक बजे मुलायम सिंह सपा के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। साथ में शिवपाल यादव भी थे। उनके पहुंचते ही कार्यालय के बाहर खड़े समर्थकों की भीड़ परिसर में पहुंच गई। नारेबाजी के बीच मुलायम ने माइक संभाला। भावुक अंदाज में कहा कि मुझे दिल्ली जाना है मगर आपकी चिंता पता है इसलिए आ गया। बहुत मेहनत से पार्टी खड़ी की है। जेल गए और लाठियां खाईं। आप लोगों ने भी परिवार छोड़ा। तकलीफ झेली। तब पार्टी खड़ी हुई है। अपनी रौ में कहा कि अपनी क्या कहूं, कितनी बार जेल गया। मैंने गरीबी में परिवार छोड़ा। शिवपाल कितनी बार जेल गया। वह दिन में छिपा रहता था, रात में प्रचार करता था। अखिलेश दो ढाई साल के होंगे तबसे संघर्ष कर रहे हैं। मेरे पास जो था मैंने सब दे दिया। अखिलेश से कहा कि विवाद में मत पड़ो। हम पार्टी में एकता चाहते हैं। एकता में बाधा नहीं आनी चाहिए। कार्यकर्ताओं पर भरोसा है कि वह पार्टी का अहित नहीं होने देंगे।
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उनके लड़के-बहू को बचाता
मुलायम ने कहा कि भाजपा नेताओं के संपर्क में कौन है जो पार्टी तोड़ रहा है, यह सब लोग जान गये हैं। राम गोपाल यादव पर भाजपा से मिले होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अखिल भारतीय समाजवादी पार्टी नाम से नई पार्टी बना रहे हैं। मोटरसाइकिल चुनाव चिह्न मांगा है। मुलायम ने एक और रहस्य खोला कि रामगोपाल मुझसे कहते तो मैं उनके लड़के-बहू को बचाता। गलत जगह जाकर सहायता क्यों मांग रहे हैं। आप (कार्यकर्ता) मेरे साथ रहो पार्टी को हम बचाएंगे। वह यहीं नहीं रुके कहा कि लोग जानते हैं कि रामगोपाल दूसरी पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष से तीन बार मिले जबकि मैं कहता हूं कि वह चार बार मिले हैं। वह गलत हाथों में खेल रहे हैं। कार्यकर्ताओं से कहा कि हमने अखिलेश को कहा कि सीएम (मुख्यमंत्री) तुम ही बनोगे, रामगोपाल से अलग हो जाओ। समर्थकों को संबोधित करने के बाद मुलायम भाई शिवपाल के साथ दिल्ली रवाना हो गये। 13 जनवरी को चुनाव आयोग में उन्हें अपना पक्ष रखना है।
सपा घमासानः मुलायम-अखिलेश दोनों को चाहिए अध्यक्ष पद, वार्ता बेनतीजा
एका कराने की कोशिशें विफल
मुलायम-अखिलेश यादव के बीच चल रहे सियासी युद्ध पर विराम के प्रयास भी साथ-साथ चल रहे हैं लेकिन, कई दौर की वार्ता बेनतीजा रही। सोमवार की शाम दिल्ली से लखनऊ लौटे मुलायम सिंह ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को 2017 का चेहरा व जीत हासिल होने पर उन्हें मुख्यमंत्री बनाने का एलान किया। मंगलवार को पिता-पुत्र के बीच लंबी चर्चा हुई मगर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद व रामगोपाल की भूमिका पर बात फंस गई। न मुलायम अध्यक्ष पद छोडऩे को तैयार हुए, न अखिलेश यादव राजी हुए। मुलायम की ओर से बुधवार को बातचीत का ब्यौरा देने का संकेत दिया गया था।
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कौन क्या चाहे
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- प्रो.रामगोपाल यादव को समाजवादी पार्टी से हमेशा के लिए बाहर किया जाए
- जबकि अखिलेश चाहते हैं कि वह तीन माह के लिए ही सही राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहें
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जब मुलायम सिंह यादव अपने चचेरे भाई रामगोपाल यादव पर सपा तोडऩे व भाजपा से मिलीभगत का इल्जाम लगा रहे थे, मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उस समय पांच कालिदास मार्ग स्थित सभागार में जनता की फरियाद सुन रहे थे। उन्होंने समर्थकों के साथ चुनावी रणनीति पर चर्चा भी की। कुछ मंत्रियों से मिले। विधायकों को टिकट न कटने का आश्वासन दिया। सूत्रों का कहना है कि अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह के कुछ पुराने सियासी मित्रों से भी फोन पर बात की। इसमें उन्होंने अपना पक्ष भी रखा।